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यंत्र साधना📜 तंत्र शास्त्र, यंत्र साधना पद्धति1 मिनट पठन

तंत्र में यंत्र को सिद्ध करने की विधि क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

शुद्धि (गंगाजल+पंचामृत) → प्राण प्रतिष्ठा → अभिमंत्रण (सवा लाख/108 जप) → हवन (दशांश) → नित्य पूजा (दीपक+मंत्र)। नवरात्रि/दीपावली/शुक्रवार। गुरु/पुरोहित अनुशंसित।

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विस्तृत उत्तर

यंत्र सिद्धि = यंत्र को 'जीवित/सक्रिय' बनाना:

विधि

  1. 1शुद्धि: गंगाजल + पंचामृत + कच्चा दूध → यंत्र स्नान।
  2. 2प्राण प्रतिष्ठा: प्राण प्रतिष्ठा मंत्र → यंत्र में प्राण (जीवन) स्थापित।
  3. 3अभिमंत्रण: यंत्र के देवता मंत्र → सवा लाख (1,25,000) जप → ऊर्जा संचित। या 108/1008 = सामान्य।
  4. 4हवन: दशांश → यंत्र समक्ष।
  5. 5नित्य पूजा: सिद्ध यंत्र = प्रतिदिन दीपक + मंत्र → 'चार्ज' रहे।

कब: शुभ मुहूर्त — नवरात्रि, दीपावली, शुक्रवार (देवी), सोमवार (शिव)।

सार: शुद्धि → प्राण प्रतिष्ठा → अभिमंत्रण (सवा लाख) → हवन → नित्य पूजा = सिद्ध यंत्र।

needs_review: प्राण प्रतिष्ठा = गुरु/पुरोहित अनुशंसित।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, यंत्र साधना पद्धति
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