जप की शास्त्र सम्मत विधिनई माला की प्राण प्रतिष्ठा कैसे करते हैं?
नई माला की प्राण प्रतिष्ठा: गंगाजल और पंचगव्य (दूध, दही, घी, गोमूत्र, गोबर) से शुद्धि, फिर धूप-दीप दिखाकर देवता मंत्रों से अभिमंत्रण — इससे माला जड़ वस्तु से दिव्य चेतना का जीवंत माध्यम बनती है।
#प्राण प्रतिष्ठा#गंगाजल पंचगव्य#अभिमंत्रण