विस्तृत उत्तर
प्राण प्रतिष्ठा = मूर्ति/यंत्र में 'प्राण' (जीवन) स्थापित (शोध ID 548):
विधि
- 1शुद्धि: गंगाजल + पंचामृत + कच्चा दूध → यंत्र/मूर्ति स्नान।
- 2प्राण प्रतिष्ठा मंत्र: 'ॐ आं ह्रीं क्रों... अमुक देवताय प्राणाः प्राणाः इह प्राणाः' — प्राण आवाहन।
- 3अभिमंत्रण: देवता मंत्र सवा लाख/108/1008 जप।
- 4नेत्रोन्मीलन: सोने की सलाई/कुश से मूर्ति की आंखें 'खोलना' (प्रतीकात्मक)।
- 5षोडशोपचार: 16 उपचार — आवाहन से विसर्जन तक।
- 6हवन: दशांश आहुति।
कौन करे: योग्य पुरोहित/गुरु — स्वयं कठिन। गलत = निष्फल।
कब: शुभ मुहूर्त — नवरात्रि, दीपावली, ग्रहप्रवेश।



