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यंत्र📜 बगलामुखी तंत्र, दस महाविद्या, शाक्त परंपरा1 मिनट पठन

बगलामुखी यंत्र की स्थापना और पूजा विधि क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

बगलामुखी = शत्रु स्तंभन देवी। पीला रंग सर्वत्र — पीले कपड़े/पुष्प/मिठाई/दीपक/हल्दी माला। 'ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः' 108। मंगलवार/शनिवार। शत्रु/मुकदमा/वाक्शक्ति। विशेष अनुष्ठान = गुरु।

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विस्तृत उत्तर

बगलामुखी = दस महाविद्या में आठवीं — 'शत्रु स्तंभन' (शत्रु को रोकने/मूक करने) की देवी।

स्थापना विधि

  1. 1शुभ मुहूर्त: मंगलवार/शनिवार, नवरात्रि, अमावस्या।
  2. 2शुद्धि: हल्दी जल + गंगाजल से।
  3. 3पीले कपड़े पर स्थापित — बगलामुखी = पीला रंग प्रिय।
  4. 4पीले पुष्प, हल्दी, पीली मिठाई भोग।
  5. 5'ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः' 108 बार — हल्दी माला से।
  6. 6हवन: घी + तिल + हल्दी।

पूजा: प्रतिदिन पीला दीपक, पीले पुष्प, बगलामुखी मंत्र 108।

लाभ: शत्रु स्तंभन (मुकदमा/विवाद विजय), वाक् शक्ति, दुश्मन मूक, नकारात्मकता नाश।

ध्यान रखें: बगलामुखी = उग्र देवी — विशेष अनुष्ठान गुरु दीक्षा से। सामान्य पूजा सभी कर सकते हैं।

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शास्त्रीय स्रोत
बगलामुखी तंत्र, दस महाविद्या, शाक्त परंपरा
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