विस्तृत उत्तर
माँ मातंगी दस महाविद्याओं में नौवीं महाविद्या के रूप में पूजी जाती हैं। वे वाणी, संगीत, कला और सभी प्रकार के तंत्रों की अधिष्ठात्री देवी हैं। उन्हें देवी सरस्वती का तांत्रिक स्वरूप भी माना जाता है।
मातंगी साधना ज्ञान, कला और अभिव्यक्ति की शक्तियों के साथ-साथ सामाजिक वर्जनाओं (जैसे उच्छिष्ट) को पार करने की क्षमता प्रदान करती है। यह रचनात्मकता और गूढ़ तांत्रिक ज्ञान का अद्भुत संगम है।





