विस्तृत उत्तर
महामाया को संसार और माया (भ्रम उत्पन्न करने वाली शक्ति) का मूर्तिमान स्वरूप माना जाता है।
तांत्रिक साधना में महामाया को आदिशक्ति कालिका का ही सर्वव्यापी रूप माना जाता है।
कालिका पुराण में महामाया का स्वरूप दस भुजाओं वाली वर्णित है, जो कमल के आसन पर स्थित हैं।
स्कंद पुराण तथा देवी भागवत पुराण में भी महामाया को आद्यादेवी के रूप में वर्णित किया गया है। भक्तों के लिए महामाया जगदम्बा हैं — उनकी माया से ही संसार चलता है और उनकी कृपा से भक्त मोक्ष के मार्ग पर बढ़ता है।
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