विस्तृत उत्तर
माँ काली दस महाविद्याओं में प्रथम एवं आदिशक्ति का प्रमुख उग्र स्वरूप हैं। वे काल (समय) और परिवर्तन की देवी हैं, जो सृष्टि के संहार और पुनर्निर्माण की शक्ति रखती हैं।
उनका दक्षिणा काली स्वरूप अत्यंत प्रसिद्ध है, जो भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होकर वरदान देने में अत्यंत चतुर मानी जाती हैं।
काली को समय (काल) का भक्षण करने वाली और उसके उपरांत अपने श्यामल, निराकार स्वरूप में पुनः स्थित हो जाने वाली महाशक्ति के रूप में वर्णित किया गया है।
उनका विकराल रूप दुष्टों के लिए भय उत्पन्न करने वाला है, परन्तु भक्तों के लिए वे परम करुणामयी माँ हैं जो सभी संकटों से रक्षा करती हैं।
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