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विस्तृत उत्तर
माँ तारा को 'नील सरस्वती' कहा जाता है क्योंकि वे नील वर्ण की हैं। जिस प्रकार देवी सरस्वती ज्ञान और वाणी की अधिष्ठात्री हैं, उसी प्रकार माँ तारा भी ज्ञान और वाणी की शक्ति के रूप में पूजी जाती हैं, परंतु उनका रूप नीले वर्ण का और अधिक तांत्रिक है।
उन्हें 'उग्रतारा' कहा जाता है क्योंकि भक्तों के कष्टों का हरण करने के लिए वे उग्र रूप धारण करती हैं।
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