विस्तृत उत्तर
यदि माँ काली 'काल' (समय) का प्रतिनिधित्व करती हैं, तो माँ भुवनेश्वरी 'आकाश' या 'स्थान' की अधिष्ठात्री देवी हैं।
माँ भुवनेश्वरी ज्ञान शक्ति की देवी हैं और सृष्टि की रचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जबकि माँ काली विनाश और परिवर्तन की शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं।
माँ भुवनेश्वरी का स्वरूप सौम्य और प्रकाशमान है जबकि माँ काली का स्वरूप उग्र है।
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