तंत्र साधनातंत्र में गृहस्थ जीवन जीते हुए साधना कैसे करें?30-60 मिनट/दिन (ब्रह्ममुहूर्त)। सात्विक। 108 जप + मानस कहीं भी। परिवार सहभागी। कर्म='पूजा'। शुक्रवार/एकादशी गहन। महानिर्वाण: 'गृहस्थ में मोक्ष संभव।'#गृहस्थ#जीवन#साधना
साधना मार्गदर्शनगृहस्थ जीवन में आध्यात्मिक साधना कैसे करें?प्रातः 30 मिनट (प्राणायाम+ध्यान+जप), संध्या 15 (दीपक+मंत्र), सोते 'ॐ' 11। कर्म='पूजा', सात्विक, परिवार सहभागी। महानिर्वाण: 'गृहस्थ=मोक्ष संभव।' गीता: 'असक्त कर्म।'#गृहस्थ#जीवन
शिवभक्तिशिवभक्ति के बिना जीव बार-बार संसार में क्यों गिरता है?शिवभक्ति से हीन प्राणी स्वर्गादि के लिए कर्मजाल में फँसकर मृत्युलोक में बार-बार गिरता है।#शिवभक्ति#संसार#मृत्युलोक
श्रीमद्भागवतभागवत कथा को तीर्थ क्यों कहा गया है?भागवत कथा को तीर्थ कहा गया है क्योंकि वह संसार के कीचड़ को धोती है और हृदय में स्थित होकर मुक्ति देती है।#कथा तीर्थ#भागवत कथा#मुक्ति
श्रीमद्भागवतगोकर्ण ने संसार को असार क्यों कहा?गोकर्ण ने संसार को दुखरूप, मोहक और क्षणभंगुर कहा; पुत्र, धन और शरीर को स्थायी मानना अज्ञान बताया।#संसार#गोकर्ण#वैराग्य
शिव तत्त्वसंसार की उत्पत्ति स्थिति और अंत का कारण किसे बताया गया है?संसार की उत्पत्ति, स्थिति और अंत का कारण सदाशिव को बताया गया है।#संसार#उत्पत्ति#स्थिति
लोकतलातल जन्म-मरण के चक्र से कैसे जुड़ा है?तलातल में पुण्य भोगकर जीव पुण्य क्षय के बाद फिर पृथ्वी पर जन्म लेता है।#तलातल#जन्म-मरण#पुण्य क्षय
परिचय और स्वरूपमहामाया कौन हैं और उनका क्या स्वरूप है?महामाया = संसार और माया (भ्रम) का मूर्तिमान स्वरूप। आदिशक्ति कालिका का सर्वव्यापी रूप। कालिका पुराण: दस भुजाएँ + कमल आसन। स्कंद और देवी भागवत पुराण: आद्यादेवी। भक्तों के लिए जगदम्बा — उनकी माया से संसार, कृपा से मोक्ष।#महामाया#माया शक्ति#आदिशक्ति