विस्तृत उत्तर
दश महाविद्या = देवी पार्वती के 10 तांत्रिक रूप (शोध — 6+ sources verified):
10 नाम और क्रम
| क्रम | महाविद्या | बीज मंत्र | दिशा | सिद्धि |
|------|-----------|-----------|------|--------|
| 1 | काली | क्रीं | उत्तर | काल पर विजय, मोक्ष |
| 2 | तारा | ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट | उत्तर | वाक् सिद्धि, मोक्ष |
| 3 | षोडशी (त्रिपुर सुंदरी) | ऐं ह्रीं श्रीं | ईशान | धन, ऐश्वर्य, सौंदर्य |
| 4 | भुवनेश्वरी | ह्रीं | पश्चिम | संतान, अभय, सिद्धि |
| 5 | छिन्नमस्ता | श्रीं ह्रीं ऐं | पूर्व | चिंता मुक्ति, वैराग्य |
| 6 | त्रिपुर भैरवी | ह्सौः | दक्षिण | बंधन मुक्ति |
| 7 | धूमावती | धूं | पूर्व | शत्रु नाश |
| 8 | बगलामुखी | ह्लीं | दक्षिण | स्तंभन, शत्रु वाक् बंद |
| 9 | मातंगी | ह्रीं ऐं | वायव्य | वाक् सिद्धि, कला |
| 10 | कमला | ॐ श्रीं | नैऋत्य | धन, लक्ष्मी स्वरूप |
दो कुल (IndianStates/Wikipedia verified)
- ▸काली कुल: काली, तारा, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता।
- ▸श्री कुल: षोडशी, बगलामुखी, भैरवी, कमला, धूमावती, मातंगी।
तीन श्रेणी (Webdunia verified)
- ▸उग्र: काली, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी।
- ▸सौम्य: त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, मातंगी, कमला।
- ▸सौम्य-उग्र: तारा, भैरवी।
संस्कृत श्लोक: 'काली तारा महाविद्या षोडशी भुवनेश्वरी। भैरवी छिन्नमस्ता च विद्या धूमावती तथा। बगला सिद्धि विद्या च मातंगी कमलात्मिका। एता दश महाविद्याः सिद्धि विद्याः प्रकीर्तिताः॥'





