विस्तृत उत्तर
अतल लोक ब्रह्मांड की धुरी में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान पर है क्योंकि यह ऊर्ध्व लोकों (पृथ्वी) और अन्य गहरे पातालों के मध्य एक सेतु का कार्य करता है। अतल लोक के ठीक ऊपर पृथ्वी (भूमंडल) स्थित है। पृथ्वी से नीचे की ओर जाने पर यह पहला आयाम है जो दस हजार योजन की गहराई पर स्थित है। अतल लोक के ठीक नीचे वितल लोक स्थित है जो अतल से एक और दस हजार योजन नीचे है। वितल लोक में भगवान शिव के हाटकेश्वर स्वरूप का निवास है जो अपनी पत्नी भवानी के साथ वहाँ भूत-गणों से घिरे रहते हैं और स्वर्ण खदानों के स्वामी हैं। वितल के नीचे सुतल लोक है जहाँ परम भक्त राजा बलि निवास करते हैं।
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