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ब्रह्मांड प्रश्नोत्तरी — 63 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित ब्रह्मांड विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 63 प्रश्न

लोक

एकार्णव क्या है?

एकार्णव नैमित्तिक प्रलय में त्रैलोक्य के भस्म होने के बाद होने वाली विनाशकारी वर्षा से बना वह विशाल महासागर है जो समस्त त्रैलोक्य को डुबो देता है।

एकार्णवमहाप्रलयसमुद्र
लोक

शिशुमार चक्र क्या है?

शिशुमार चक्र भगवान वासुदेव का विराट ब्रह्मांडीय स्वरूप है जिसमें समस्त ग्रह, नक्षत्र और तारे विभिन्न अंगों में स्थित हैं। इसकी धुरी ध्रुवलोक है।

शिशुमार चक्रध्रुवलोकग्रह नक्षत्र
लोक

पिण्ड-ब्रह्माण्ड सिद्धांत क्या है?

पिण्ड-ब्रह्माण्ड सिद्धांत कहता है — जो ब्रह्माण्ड में है वही मानव शरीर में भी है। देवता, लोक और नक्षत्र सभी शरीर के विभिन्न अंगों में सूक्ष्म रूप में विद्यमान हैं।

पिण्ड-ब्रह्माण्डसिद्धांतगरुड़ पुराण
लोक

महर्लोक क्या है?

महर्लोक 14 लोकों में चौथा ऊर्ध्व लोक है जो स्वर्लोक के ऊपर और जनलोक के नीचे है। यह विशुद्ध आध्यात्मिक और तपोमयी ऊर्जा का लोक है।

महर्लोकपरिचयवैदिक
लोक

स्वर्लोक कहाँ स्थित है?

स्वर्लोक सूर्यमंडल से लेकर ध्रुवलोक तक का विशाल ब्रह्मांडीय क्षेत्र है। यह भूलोक के ऊपर और महर्लोक के नीचे स्थित है।

स्वर्लोकस्थानसूर्य
लोक

भगवान वामन के चरण से गंगा का जन्म कैसे हुआ?

भगवान वामन के त्रिविक्रम स्वरूप के बाएं पैर के नाखून से ब्रह्मांड का आवरण टूटा और बाहर का कारण-जल भीतर आया। उस जल पर चरण-स्पर्श से 'विष्णुपदी गंगा' बनी।

वामन अवतारगंगात्रिविक्रम
लोक

भूलोक ब्रह्मांड के 14 लोकों में कहाँ है?

भूलोक 14 लोकों में मध्य लोक है — यह ऊर्ध्व लोकों का प्रथम सोपान है। ऊपर 6 लोक और नीचे 7 अधोलोक हैं। भगवान शेषनाग इसे अपने फनों पर धारण करते हैं।

भूलोक14 लोकमध्य लोक
लोक

भूलोक क्या है?

भूलोक परब्रह्म की योगमाया द्वारा रचित कर्म, भोग और मोक्ष का क्षेत्र है। जहाँ तक सूर्य-चन्द्र का प्रकाश पहुँचे और प्राणी विचरण करें वह सब भूलोक है।

भूलोककर्मभूमिवैदिक
दिव्यास्त्र

सुदर्शन चक्र हमेशा घूमता क्यों रहता है?

सुदर्शन चक्र की निरंतर गति ब्रह्मांड की शाश्वत गति और धर्म के चक्र का प्रतीक है। यह इकलौता दिव्यास्त्र है जो सदा गतिशील रहता है।

सुदर्शन चक्रनिरंतर गतिशीलघूमना
लोक

ब्रह्मांड का जन्म और प्रलय कैसे जुड़े हैं?

सृष्टि और प्रलय विष्णु की श्वास से चलने वाले एक ही चक्र के दो चरण हैं।

ब्रह्मांडजन्मप्रलय
लोक

हिंदू धर्म में ब्रह्मांड बनने का क्रम क्या है?

शून्य, कारण जल, स्पंदन, आदिनाद, प्रथम श्वास, पंचभूत और ब्रह्मा से सृष्टि क्रम बढ़ता है।

ब्रह्मांडसृष्टि क्रमहिंदू धर्म
लोक

श्वास से ब्रह्मांड में गति कैसे आई?

विष्णु की प्रथम श्वास ने कारण-जल और कालचक्र को गति दी।

श्वासब्रह्मांडगति
लोक

ध्वनि से ब्रह्मांड कैसे बना?

आदिनाद के कंपन से अव्यक्त शून्य में ऊर्जा और सृष्टि का क्रम शुरू हुआ।

ध्वनिब्रह्मांडआदिनाद
लोक

विष्णु की श्वास और ब्रह्मांड का क्या संबंध है?

विष्णु की श्वास सृष्टि और प्रलय के चक्र से जुड़ी है।

विष्णुब्रह्मांडश्वास
लोक

प्राणायाम का ब्रह्मांडीय अर्थ क्या है?

प्राणायाम भीतर के प्राण और ऊर्जा को संतुलित करता है।

प्राणायामकुम्भकब्रह्मांड
लोक

पिंड और ब्रह्मांड का संबंध क्या है?

मनुष्य की श्वास ब्रह्मांडीय श्वास का सूक्ष्म रूप है।

पिंडब्रह्मांडश्वास
लोक

सिकुड़ते ब्रह्मांड फिर कैसे फैले?

प्राण-ऊर्जा लौटने से ब्रह्मांड फिर फैलने लगे।

ब्रह्मांडविस्तारप्राण
लोक

ब्रह्मांडों में फिर प्राण कैसे लौटा?

महाविष्णु की श्वास लौटते ही ब्रह्मांडों में प्राण लौटा।

ब्रह्मांडप्राणमहाविष्णु
लोक

महास्पंदन से क्या हुआ?

महास्पंदन से ब्रह्मांडों में फिर प्राण लौट आया।

महास्पंदनब्रह्मांडप्राण
लोक

चौदह लोकों का पतन कैसे हुआ?

प्राण-संतुलन टूटने से चौदह लोक विलय की ओर बढ़े।

चौदह लोकपतनब्रह्मांड
लोक

समय उल्टा कैसे घूमने लगा?

ऋत टूटने से कालचक्र का क्रम उलटा होने लगा।

समयकालचक्रब्रह्मांड
लोक

ब्रह्मांडों का प्राण-सूत्र कैसे टूटा?

श्वास रुकने से प्राण-सूत्र निर्बल होकर टूटने लगा।

प्राण-सूत्रब्रह्मांडश्वास
लोक

ब्रह्मांडीय स्पंदन क्या है?

यह सृष्टि को चलाने वाली चेतना की सूक्ष्म धड़कन है।

स्पंदनब्रह्मांडमहामाया
लोक

श्वास रुकते ही ब्रह्मांड क्यों डगमगाए?

क्योंकि उनका प्राण-सूत्र महाविष्णु की श्वास पर निर्भर था।

श्वासब्रह्मांडप्राण

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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