विस्तृत उत्तर
सुदर्शन चक्र सभी दिव्यास्त्रों में एकमात्र ऐसा अस्त्र है जो सदैव गतिशील रहता है, चाहे वह प्रयोग में हो या भगवान विष्णु की तर्जनी पर स्थित हो। यह ब्रह्मांड की शाश्वत गति और धर्म के चक्र का प्रतीक है। जिस प्रकार ब्रह्मांड में समय और काल कभी नहीं रुकते, जिस प्रकार पृथ्वी, सूर्य और अन्य ग्रह सदैव गतिशील रहते हैं, उसी प्रकार सुदर्शन चक्र की निरंतर गति यह संकेत देती है कि धर्म और न्याय की शक्ति भी कभी निष्क्रिय नहीं होती। यह कालचक्र के अबाध प्रवाह का प्रतीक है।
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