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विस्तृत उत्तर
भुवनेश्वरी (चौथी/पांचवीं महाविद्या) = तीनों भुवनों (लोकों) की ईश्वरी:
सिद्धि
- 1संतान सुख — पुत्र प्राप्ति विशेष फलप्रद।
- 2अभय — भय से पूर्ण मुक्ति।
- 3समस्त सिद्धियां — 'भक्तों को अभय और समस्त सिद्धियां प्रदान करना स्वाभाविक गुण'।
- 4सूर्य तेज — सूर्य के समान तेज ऊर्जा (अमर उजाला)।
- 5मान-सम्मान — राजयोग, नेतृत्व।
- 6मूल प्रकृति — देवीपुराण: भुवनेश्वरी = मूल प्रकृति।
बीज मंत्र: 'ह्रीं भुवनेश्वरीयै ह्रीं नमः' (अमर उजाला)। 108/1008 जप।
विशेष: सौम्य देवी — सामान्य भक्तों के लिए भी उपयुक्त। गुरु दीक्षा उत्तम किन्तु अनिवार्य नहीं (सामान्य पूजा)।
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