ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

नाम — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 9 प्रश्न

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माला नियम

राम नाम जप के लिए कौन सी माला सबसे उत्तम है?

तुलसी माला सर्वोत्तम (राम=विष्णु, तुलसी=विष्णुप्रिया)। रुद्राक्ष/स्फटिक/चंदन भी। 'श्री राम जय राम' / 'ॐ रामाय नमः'। राम नाम = सर्वसरलतम — माला बिना भी।

रामनाममाला
हिंदू दर्शन

18 पुराणों के नाम क्या हैं

18 महापुराण: विष्णु, भागवत, नारद, गरुड़, पद्म, वराह (सात्विक); ब्रह्मांड, ब्रह्मवैवर्त, मार्कण्डेय, भविष्य, वामन, ब्रह्म (राजसिक); शिव, लिंग, स्कंद, अग्नि, मत्स्य, कूर्म (तामसिक)। कुल ~4 लाख श्लोक। स्कंद पुराण सबसे बड़ा (81,100 श्लोक)।

18 पुराणमहापुराणव्यास
संस्कार विधि

नामकरण संस्कार में नाम रखने के शास्त्रीय नियम क्या हैं?

नामकरण नियम: जन्म नक्षत्र अक्षर, ब्राह्मण=शर्मा/क्षत्रिय=वर्मा/वैश्य=गुप्त (मनुस्मृति), सम अक्षर (2,4) शुभ, देवता/शुभ अर्थ, सरल उच्चारण, गोपनीय+लौकिक दो नाम। पिता कान में बोले → शहद से 'ॐ' लिखें।

नामकरणसंस्कारनाम
देवी नाम

काली के 108 नाम क्या हैं?

काली के 108 नाम प्रमुख: काली, महाकाली, कपालिनी, कालरात्रि, चामुंडा, चंडिका, भद्रकाली, भैरवी, महामाया, श्यामा, दिगंबरा, श्मशानवासिनी, दक्षिणकालिका, आद्याशक्ति, जगदंबा। प्रत्येक नाम 'ॐ [नाम] नमः' से जपें।

काली 108 नामअष्टोत्तरकालिका
देवी ज्ञान

नवदुर्गा के नाम क्या हैं?

नवदुर्गा के नाम (देवी कवच): 1. शैलपुत्री 2. ब्रह्मचारिणी 3. चंद्रघंटा 4. कूष्मांडा 5. स्कंदमाता 6. कात्यायनी 7. कालरात्रि 8. महागौरी 9. सिद्धिदात्री। नवरात्रि के नौ दिन क्रमशः इन नौ देवियों की पूजा होती है।

नवदुर्गा9 देवीनाम
देवी ज्ञान

नवदुर्गा के नाम क्या हैं?

नवदुर्गा के नाम हैं — 1.शैलपुत्री, 2.ब्रह्मचारिणी, 3.चंद्रघंटा, 4.कूष्मांडा, 5.स्कंदमाता, 6.कात्यायनी, 7.कालरात्रि, 8.महागौरी, 9.सिद्धिदात्री। नवरात्रि के नौ दिन इनकी क्रमशः पूजा की जाती है।

नवदुर्गानामनौ रूप
दशमहाविद्या

दस महाविद्याओं के नाम और उनकी साधना का क्रम क्या है?

10 नाम: काली→तारा→षोडशी→भुवनेश्वरी→छिन्नमस्ता→भैरवी→धूमावती→बगलामुखी→मातंगी→कमला। काली कुल: काली/तारा/भुवनेश्वरी/छिन्नमस्ता। श्री कुल: शेष 6। उग्र/सौम्य/सौम्य-उग्र 3 श्रेणी (Webdunia)।

दस महाविद्यानामक्रम
मंत्र विधि

अखंड नाम संकीर्तन और अखंड जप में क्या अंतर है?

संकीर्तन: सामूहिक, सस्वर गायन, संगीत, बहिर्मुखी, भक्ति प्रसार। जप: व्यक्तिगत, मौन/उपांशु, माला, अंतर्मुखी, मंत्र सिद्धि। चैतन्य: संकीर्तन श्रेष्ठ। योग: जप श्रेष्ठ। दोनों सत्य — मार्ग भिन्न, लक्ष्य एक।

संकीर्तनअखंड जपभजन
शिव रूप

शिव के रुद्र रूप के ग्यारह अवतारों के नाम क्या हैं?

शिव पुराण (शतरुद्र संहिता 18.27): कपाली, पिंगल, भीम, विरूपाक्ष, विलोहित, शास्ता, अजपाद, आपिर्बुध्य, शम्भू, चण्ड, भव। भागवत: मन्यु, मनु, महिनस, महान्, शिव, ऋतध्वज, उग्ररेता, भव, काल, वामदेव, धृतव्रत। सुरभी पुत्र — देवकार्य हेतु।

एकादश रुद्रग्यारहअवतार

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।