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नाम प्रश्नोत्तरी — 23 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित नाम विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 23 प्रश्न

लोक

स्वर्लोक को और किस नाम से जानते हैं?

स्वर्लोक को स्वर्ग, देवलोक, त्रिदिव, स्वः (व्याहृति में), ज्योतिर्लोक और देवपुर जैसे अनेक नामों से जाना जाता है।

स्वर्लोकनामस्वर्ग
दिव्यास्त्र

पर्वतास्त्र नाम का क्या अर्थ है?

'पर्वत' और 'अस्त्र' के मेल से बना यह नाम 'पर्वतों का हथियार' का अर्थ देता है। यह नाम ही इस अस्त्र की भयावह शक्ति का परिचय दे देता है।

पर्वतास्त्रनामअर्थ
लोक

भुवर्लोक को 'अंतरिक्ष' क्यों कहते हैं?

भुवर्लोक को अंतरिक्ष इसलिए कहते हैं क्योंकि यह वहाँ तक फैला है जहाँ तक वायु बहती है और बादल दिखते हैं। यह भौतिक और दैवीय जगत के बीच का मध्यवर्ती आकाशीय क्षेत्र है।

भुवर्लोकअंतरिक्षनाम
दिव्यास्त्र

अंतर्धान अस्त्र को कुबेर अस्त्र क्यों कहते हैं?

जब कुबेर ने अर्जुन को अपना परम प्रिय अस्त्र — अंतर्धान अस्त्र — दिया, तब से इसे कुबेर अस्त्र भी कहा जाने लगा।

अंतर्धान अस्त्रकुबेर अस्त्रकुबेर
दिव्यास्त्र

सुदर्शन चक्र को और किस नाम से जानते हैं?

सुदर्शन चक्र को 'विष्णु चक्र' भी कहते हैं। यह कालचक्र और ब्रह्मांडीय व्यवस्था पर नियंत्रण का प्रतीक भी है।

सुदर्शन चक्रनामकालचक्र
दिव्यास्त्र

हनुमान का नाम हनुमान कैसे पड़ा?

इंद्र के वज्र प्रहार से बाल हनुमान की ठोड़ी (हनु) टूट गई थी, इसी कारण उनका नाम हनुमान पड़ा।

हनुमाननामहनु
माला नियम

राम नाम जप के लिए कौन सी माला सबसे उत्तम है?

तुलसी माला सर्वोत्तम (राम=विष्णु, तुलसी=विष्णुप्रिया)। रुद्राक्ष/स्फटिक/चंदन भी। 'श्री राम जय राम' / 'ॐ रामाय नमः'। राम नाम = सर्वसरलतम — माला बिना भी।

रामनाममाला
श्रीमद्भागवत

गोकर्ण नाम क्यों रखा गया?

गाय से उत्पन्न उस बालक के कान गाय जैसे थे, इसलिए आत्मदेव ने उसका नाम गोकर्ण रखा।

गोकर्णनामगाय
प्रतिपदा श्राद्ध

प्रतिपदा श्राद्ध को और किस नाम से जानते हैं?

प्रतिपदा श्राद्ध को 'पड़वा श्राद्ध' भी कहते हैं। दोनों नाम पर्यायवाची हैं। यह आश्विन कृष्ण प्रतिपदा (पितृ पक्ष का पहला दिन) को किया जाने वाला श्राद्ध है।

प्रतिपदा श्राद्धपड़वा श्राद्धनाम
लोक

तर्पण में गोत्र और नाम क्यों बोला जाता है?

गोत्र और नाम पितर की पहचान या पता हैं; इनके द्वारा वसु-रुद्र-आदित्य तर्पण को सही आत्मा तक पहुँचाते हैं।

तर्पणगोत्रनाम
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

श्राद्ध में नाम और गोत्र का क्या महत्व है?

नाम और गोत्र श्राद्ध अन्न को सही आत्मा तक पहुँचाने वाले वाहक हैं।

श्राद्धनामगोत्र
लोक

सत्यलोक को ब्रह्मलोक क्यों कहते हैं?

सत्यलोक को ब्रह्मलोक इसलिए कहते हैं क्योंकि यह भगवान ब्रह्मा का निवास स्थान है। यहीं से ब्रह्मांड का संचालन और वेदों का ज्ञान प्रवाहित होता है।

सत्यलोकब्रह्मलोकब्रह्मा
रामचरितमानस — बालकाण्ड

पार्वतीजी ने 'अपर्णा' नाम कैसे पाया?

'अपर्णा' = अ (बिना) + पर्णा (पत्ते) = पत्तों के बिना रहने वाली। जब पार्वतीजी ने तपस्या में सूखे पत्ते खाना भी छोड़ दिया, तब उनका नाम 'अपर्णा' पड़ा। चौपाई — 'पुनि परिहरे सुखानेउ परना। उमहि नामु तब भयउ अपरना॥'

बालकाण्डअपर्णापार्वती
ज्योतिष दोष एवं उपाय

27 नक्षत्रों के नाम और स्वामी ग्रह

27 नक्षत्र = 9 ग्रह × 3 each। अश्विनी(केतु), रोहिणी(चंद्र), पुष्य(शनि), मघा(केतु), हस्त(चंद्र), स्वाति(राहु), मूल(केतु), श्रवण(चंद्र), रेवती(बुध)। क्रम: केतु→शुक्र→सूर्य→चंद्र→मंगल→राहु→गुरु→शनि→बुध।

27 नक्षत्रनामस्वामी
ज्योतिष दोष एवं उपाय

कालसर्प दोष कितने प्रकार

12 प्रकार (राहु-केतु भाव): अनंत, कुलिक, वासुकि, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखचूड़, घातक, विषधर, शेषनाग। प्रत्येक=भिन्न प्रभाव। नवीन अवधारणा।

कालसर्पप्रकार12
हिंदू दर्शन

18 पुराणों के नाम क्या हैं

18 महापुराण: विष्णु, भागवत, नारद, गरुड़, पद्म, वराह (सात्विक); ब्रह्मांड, ब्रह्मवैवर्त, मार्कण्डेय, भविष्य, वामन, ब्रह्म (राजसिक); शिव, लिंग, स्कंद, अग्नि, मत्स्य, कूर्म (तामसिक)। कुल ~4 लाख श्लोक। स्कंद पुराण सबसे बड़ा (81,100 श्लोक)।

18 पुराणमहापुराणव्यास
संस्कार विधि

नामकरण संस्कार में नाम रखने के शास्त्रीय नियम क्या हैं?

नामकरण नियम: जन्म नक्षत्र अक्षर, ब्राह्मण=शर्मा/क्षत्रिय=वर्मा/वैश्य=गुप्त (मनुस्मृति), सम अक्षर (2,4) शुभ, देवता/शुभ अर्थ, सरल उच्चारण, गोपनीय+लौकिक दो नाम। पिता कान में बोले → शहद से 'ॐ' लिखें।

नामकरणसंस्कारनाम
देवी नाम

काली के 108 नाम क्या हैं?

काली के 108 नाम प्रमुख: काली, महाकाली, कपालिनी, कालरात्रि, चामुंडा, चंडिका, भद्रकाली, भैरवी, महामाया, श्यामा, दिगंबरा, श्मशानवासिनी, दक्षिणकालिका, आद्याशक्ति, जगदंबा। प्रत्येक नाम 'ॐ [नाम] नमः' से जपें।

काली 108 नामअष्टोत्तरकालिका
देवी ज्ञान

नवदुर्गा के नाम क्या हैं?

नवदुर्गा के नाम (देवी कवच): 1. शैलपुत्री 2. ब्रह्मचारिणी 3. चंद्रघंटा 4. कूष्मांडा 5. स्कंदमाता 6. कात्यायनी 7. कालरात्रि 8. महागौरी 9. सिद्धिदात्री। नवरात्रि के नौ दिन क्रमशः इन नौ देवियों की पूजा होती है।

नवदुर्गा9 देवीनाम
देवी ज्ञान

नवदुर्गा के नाम क्या हैं?

नवदुर्गा के नाम हैं — 1.शैलपुत्री, 2.ब्रह्मचारिणी, 3.चंद्रघंटा, 4.कूष्मांडा, 5.स्कंदमाता, 6.कात्यायनी, 7.कालरात्रि, 8.महागौरी, 9.सिद्धिदात्री। नवरात्रि के नौ दिन इनकी क्रमशः पूजा की जाती है।

नवदुर्गानामनौ रूप
दशमहाविद्या

दस महाविद्याओं के नाम और उनकी साधना का क्रम क्या है?

10 नाम: काली→तारा→षोडशी→भुवनेश्वरी→छिन्नमस्ता→भैरवी→धूमावती→बगलामुखी→मातंगी→कमला। काली कुल: काली/तारा/भुवनेश्वरी/छिन्नमस्ता। श्री कुल: शेष 6। उग्र/सौम्य/सौम्य-उग्र 3 श्रेणी।

दस महाविद्यानामक्रम
मंत्र विधि

अखंड नाम संकीर्तन और अखंड जप में क्या अंतर है?

संकीर्तन: सामूहिक, सस्वर गायन, संगीत, बहिर्मुखी, भक्ति प्रसार। जप: व्यक्तिगत, मौन/उपांशु, माला, अंतर्मुखी, मंत्र सिद्धि। चैतन्य: संकीर्तन श्रेष्ठ। योग: जप श्रेष्ठ। दोनों सत्य — मार्ग भिन्न, लक्ष्य एक।

संकीर्तनअखंड जपभजन
शिव रूप

शिव के रुद्र रूप के ग्यारह अवतारों के नाम क्या हैं?

शिव पुराण (शतरुद्र संहिता 18.27): कपाली, पिंगल, भीम, विरूपाक्ष, विलोहित, शास्ता, अजपाद, आपिर्बुध्य, शम्भू, चण्ड, भव। भागवत: मन्यु, मनु, महिनस, महान्, शिव, ऋतध्वज, उग्ररेता, भव, काल, वामदेव, धृतव्रत। सुरभी पुत्र — देवकार्य हेतु।

एकादश रुद्रग्यारहअवतार

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।