विस्तृत उत्तर
जब धन के देवता और यक्षों के राजा कुबेर ने अर्जुन को अपना 'परम प्रिय' अस्त्र प्रदान किया, तो वह अस्त्र अंतर्धान अस्त्र ही था। इस घटना के बाद इसे 'कुबेर अस्त्र' के नाम से भी जाना जाने लगा। कुबेर के साथ इस अस्त्र का जुड़ाव अत्यंत सार्थक है। कुबेर इंद्र की तरह कोई योद्धा देवता नहीं हैं; वे छिपे हुए खजानों, गुप्त लोकों और मायावी प्राणियों के स्वामी हैं। अंतर्धान अस्त्र जो छिपाने और भ्रम पैदा करने का हथियार है, उनके अधिकार क्षेत्र का एक आदर्श प्रतीक है।
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