विस्तृत उत्तर
एकादश रुद्र भगवान शिव के ग्यारह प्रमुख अवतार हैं। विभिन्न पुराणों में नाम भिन्न हैं:
शिव पुराण (शतरुद्र संहिता 18.27 — शोध सत्यापित)
कश्यप ऋषि की पत्नी सुरभी के गर्भ से शिव ने 11 रुद्रों के रूप में जन्म लिया:
- 1कपाली
- 2पिंगल
- 3भीम
- 4विरूपाक्ष
- 5विलोहित
- 6शास्ता
- 7अजपाद
- 8आपिर्बुध्य (अहिर्बुध्न्य)
- 9शम्भू
- 10चण्ड
- 11भव
शैवागम के अनुसार
शम्भु, पिनाकी, गिरीश, स्थाणु, भर्ग, सदाशिव, शिव, हर, शर्व, कपाली, भव।
श्रीमद्भागवत (3.12.12)
मन्यु, मनु, महिनस, महान्, शिव, ऋतध्वज, उग्ररेता, भव, काल, वामदेव, धृतव्रत।
शिव पुराण का वचन (शतरुद्र संहिता)
एकादशैते रुद्रास्तु सुरभीतनयाः स्मृताः। देवकार्यार्थमुत्पन्नाश्शिवरूपास्सुखास्पदम्।।
— 'ये एकादश रुद्र सुरभी के पुत्र हैं। ये देवकार्य सिद्धि हेतु शिवरूप से उत्पन्न हुए हैं और सुख के निवासस्थान हैं।'
ध्यान दें: विभिन्न पुराणों में नामों में अंतर है — यह सामान्य है। गीता प्रेस गोरखपुर से 'एकादश रुद्र' पुस्तक (कोड 1156) उपलब्ध।





