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शिव रूप⏱ 1 मिनट पठन

शिव के रुद्र रूप के ग्यारह अवतारों के नाम क्या हैं?

शिव पुराण (शतरुद्र संहिता 18. 27): कपाली, पिंगल, भीम, विरूपाक्ष, विलोहित, शास्ता, अजपाद, आपिर्बुध्य, शम्भू, चण्ड, भव।

संक्षिप्त उत्तर

शिव पुराण (शतरुद्र संहिता 18.27): कपाली, पिंगल, भीम, विरूपाक्ष, विलोहित, शास्ता, अजपाद, आपिर्बुध्य, शम्भू, चण्ड, भव। भागवत: मन्यु, मनु, महिनस, महान्, शिव, ऋतध्वज, उग्ररेता, भव, काल, वामदेव, धृतव्रत। सुरभी पुत्र — देवकार्य हेतु।

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विस्तृत उत्तर

एकादश रुद्र भगवान शिव के ग्यारह प्रमुख अवतार हैं। विभिन्न पुराणों में नाम भिन्न हैं:

शिव पुराण (शतरुद्र संहिता 18.27 — शोध सत्यापित)

कश्यप ऋषि की पत्नी सुरभी के गर्भ से शिव ने 11 रुद्रों के रूप में जन्म लिया:

  1. 1कपाली
  2. 2पिंगल
  3. 3भीम
  4. 4विरूपाक्ष
  5. 5विलोहित
  6. 6शास्ता
  7. 7अजपाद
  8. 8आपिर्बुध्य (अहिर्बुध्न्य)
  9. 9शम्भू
  10. 10चण्ड
  11. 11भव

शैवागम के अनुसार

शम्भु, पिनाकी, गिरीश, स्थाणु, भर्ग, सदाशिव, शिव, हर, शर्व, कपाली, भव।

श्रीमद्भागवत (3.12.12)

मन्यु, मनु, महिनस, महान्, शिव, ऋतध्वज, उग्ररेता, भव, काल, वामदेव, धृतव्रत।

शिव पुराण का वचन (शतरुद्र संहिता)

एकादशैते रुद्रास्तु सुरभीतनयाः स्मृताः। देवकार्यार्थमुत्पन्नाश्शिवरूपास्सुखास्पदम्।।

— 'ये एकादश रुद्र सुरभी के पुत्र हैं। ये देवकार्य सिद्धि हेतु शिवरूप से उत्पन्न हुए हैं और सुख के निवासस्थान हैं।'

ध्यान दें: विभिन्न पुराणों में नामों में अंतर है — यह सामान्य है। गीता प्रेस गोरखपुर से 'एकादश रुद्र' पुस्तक (कोड 1156) उपलब्ध।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

शिव के रुद्र रूप के ग्यारह अवतारों के नाम क्या हैं को संदर्भ सहित समझें

शिव के रुद्र रूप के ग्यारह अवतारों के नाम क्या हैं का सबसे सीधा सार यह है: शिव पुराण (शतरुद्र संहिता 18.27): कपाली, पिंगल, भीम, विरूपाक्ष, विलोहित, शास्ता, अजपाद, आपिर्बुध्य, शम्भू, चण्ड, भव। भागवत: मन्यु, मनु, महिनस, महान्, शिव, ऋतध्वज, उग्ररेता, भव, काल, वामदेव, धृतव्रत।...

शिव रूप जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

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उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

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शिव रूप श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

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यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

शिव रूप प्रश्नोत्तर
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