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शिव रूप⏱ 2 मिनट पठन

नटराज रूप में शिव की पूजा कब और कैसे करनी चाहिए?

प्रदोष काल सर्वोत्तम (शिव तांडव का समय)। चिदंबरम = नटराज का मुख्य केंद्र (पंचभूत आकाश तत्त्व)। 'ॐ नटराजाय नमः' 108 बार + शिव तांडव स्तोत्र।

संक्षिप्त उत्तर

प्रदोष काल सर्वोत्तम (शिव तांडव का समय)। चिदंबरम = नटराज का मुख्य केंद्र (पंचभूत आकाश तत्त्व)। 'ॐ नटराजाय नमः' 108 बार + शिव तांडव स्तोत्र। नटराज = अज्ञान पर विजय, सृष्टि-संहार चक्र। कलाकारों/नर्तकों के लिए विशेष।

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विस्तृत उत्तर

नटराज भगवान शिव का नृत्य स्वरूप है — सृष्टि के विनाश और पुनर्सृजन का प्रतीक। चिदंबरम (तमिलनाडु) का नटराज मंदिर इस रूप का सबसे प्रसिद्ध केंद्र है, जो पंचभूत स्थलों में 'आकाश तत्त्व' का प्रतिनिधित्व करता है।

कब पूजा करें

  • ▸प्रदोष काल (संध्या): शिव इसी समय तांडव नृत्य करते हैं — नटराज पूजा के लिए सर्वोत्तम।
  • ▸महाशिवरात्रि: चिदंबरम मंदिर में इस दिन नटराज की स्वर्णिम झांकी निकलती है।
  • ▸प्रदोष व्रत (त्रयोदशी): विशेष रूप से शुभ।
  • ▸मार्गशीर्ष माह: दक्षिण भारत में नटराज पूजा का विशेष मास।

कैसे पूजा करें

  1. 1नटराज प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  2. 2स्नानादि कर शुद्ध वस्त्र पहनें।
  3. 3दीपक और धूप जलाएं।
  4. 4गंगाजल/पंचामृत से अभिषेक करें।
  5. 5चंदन तिलक, बेलपत्र, श्वेत पुष्प अर्पित करें।
  6. 6'ॐ नटराजाय नमः' मंत्र 108 बार जपें।
  7. 7शिव तांडव स्तोत्र (रावण रचित) का पाठ करें — प्रातःकाल या प्रदोष काल में।
  8. 8कर्पूर से आरती करें।

नटराज प्रतिमा का प्रतीकात्मक अर्थ

  • ▸दाहिना पैर अपस्मार (अज्ञान दैत्य) पर: अज्ञान पर विजय।
  • ▸ऊपर उठा बायां पैर: मुक्ति/मोक्ष का प्रतीक।
  • ▸अग्नि चक्र: सृष्टि-संहार का चक्र।
  • ▸डमरू (दाहिने ऊपरी हाथ में): सृजन की ध्वनि।
  • ▸अग्नि (बाएं ऊपरी हाथ में): संहार।

लाभ

नटराज पूजा से ग्रह दोष निवारण, रचनात्मकता में वृद्धि, कलाकारों/नर्तकों के लिए विशेष कृपा, और व्यक्तिगत-व्यावसायिक जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

needs_review: चिदंबरम मंदिर की दैनिक पूजा में 6 अनुष्ठान होते हैं।

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कब पूजा करें

- प्रदोष काल (संध्या): शिव इसी समय तांडव नृत्य करते हैं — नटराज पूजा के लिए सर्वोत्तम। - महाशिवरात्रि: चिदंबरम मंदिर में इस दिन नटराज की स्वर्णिम झांकी निकलती है। - प्रदोष व्रत (त्रयोदशी): विशेष रूप से शुभ। - मार्गशीर्ष माह: दक्षिण भारत में नटराज पूजा का विशेष मास।

कैसे पूजा करें

1. नटराज प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। 2. स्नानादि कर शुद्ध वस्त्र पहनें। 3. दीपक और धूप जलाएं। 4. गंगाजल/पंचामृत से अभिषेक करें। 5. चंदन तिलक, बेलपत्र, श्वेत पुष्प अर्पित करें। 6. 'ॐ नटराजाय नमः' मंत्र 108 बार जपें। 7. शिव तांडव स्तोत्र (रावण रचित) का पाठ करें — प्रातःकाल या प्रदोष काल में। 8. कर्पूर से आरती करें।

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