विस्तृत उत्तर
नामकरण संस्कार (जन्म के 10वें/11वें/12वें दिन) में नाम रखने के शास्त्रीय नियम:
1. नक्षत्र अक्षर: जन्म नक्षत्र के अनुसार नाम का प्रथम अक्षर निर्धारित। उदा: अश्विनी = चू/चे/चो/ला, रोहिणी = ओ/वा/वी/वू, मृगशिरा = वे/वो/का/की।
1मनुस्मृति नियम (2.31-33)
- ▸ब्राह्मण = शर्मा (आनन्ददायक) पद। उदा: रामशर्मा।
- ▸क्षत्रिय = वर्मा (रक्षक) पद। उदा: रामवर्मा।
- ▸वैश्य = गुप्त (रक्षित) पद। उदा: रामगुप्त।
3. अक्षर संख्या: नाम में सम (2, 4) अक्षर = शुभ (मनुस्मृति)।
4. देवता नाम: इष्ट देवता/कुल देवता से सम्बंधित नाम रखना शुभ — राम, कृष्ण, शिव, दुर्गा, लक्ष्मी आदि।
5. अर्थपूर्ण: नाम सार्थक (meaningful) हो — शुभ अर्थ वाला। अशुभ/नकारात्मक अर्थ वाला नाम वर्जित।
6. उच्चारण सरल: नाम का उच्चारण सरल और स्पष्ट हो — जटिल नाम = कठिनाई।
7. गोपनीय नाम: कुछ परम्पराओं में दो नाम — एक लौकिक (सामान्य प्रयोग), एक गोपनीय/नक्षत्र नाम (केवल परिवार/गुरु जानें)।
विधि: पिता शिशु के कान में नाम बोले → माता दोहराए → ब्राह्मण/पुरोहित आशीर्वाद → शहद से शिशु की जीभ पर 'ॐ' लिखें।




