ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
संस्कार विधि📜 लोक परम्परा, ज्योतिष, दक्षिण भारत परम्परा2 मिनट पठन

विवाह में मंगल सूत्र में काले मोती क्यों डालते हैं?

संक्षिप्त उत्तर

काले मोती: बुरी नजर रक्षा (नकारात्मकता शोषक), शनि-राहु शांति, सुहाग रक्षक (दुष्ट शक्ति बचाव), सोना+काला=शुभता+रक्षा। क्षेत्रीय: महाराष्ट्र=वाटी+काला, दक्षिण=थाली, उत्तर=सोना। सम्पूर्ण संतुलन।

📖

विस्तृत उत्तर

मंगलसूत्र में काले मोती (काले मनके) डालने के पीछे गहन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कारण हैं:

  1. 1बुरी नजर से रक्षा: काला रंग = नकारात्मक ऊर्जा अवशोषक। काले मोती = पति-पत्नी के सम्बंध पर किसी की बुरी नजर न लगे।
  1. 1शनि-राहु शांति: काला = शनि/राहु ग्रह। काले मोती = इन ग्रहों के अशुभ प्रभाव से वैवाहिक जीवन की रक्षा।
  1. 1सौभाग्य रक्षक: मंगलसूत्र = सुहाग चिह्न। काले मोती = सुहाग (पति दीर्घायु) की रक्षा। दुष्ट शक्तियों से बचाव।
  1. 1सोना + काला = संतुलन: मंगलसूत्र में सोना = शुभता, समृद्धि। काले मोती = रक्षा, स्थिरता। सोना + काला = शुभता + रक्षा = सम्पूर्ण।
  1. 1क्षेत्रीय भिन्नता: महाराष्ट्र = दो वाटी (गोल पेण्डेन्ट) + काले मोती। दक्षिण भारत = थाली + काला धागा। उत्तर भारत = सोने का मंगलसूत्र + काले मोती कम प्रचलित। हिन्दू विवाह की अखिल भारतीय परम्परा।

वैज्ञानिक तर्क (लोक): काला रंग = ऊष्मा अवशोषक। गले में काले मोती = शरीर की ऊर्जा संतुलन (acupressure point stimulation)।

📜
शास्त्रीय स्रोत
लोक परम्परा, ज्योतिष, दक्षिण भारत परम्परा
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

मंगलसूत्रकाले मोतीविवाहसुहागरक्षा

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

विवाह में मंगल सूत्र में काले मोती क्यों डालते हैं — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको संस्कार विधि से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर लोक परम्परा, ज्योतिष, दक्षिण भारत परम्परा पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।