विस्तृत उत्तर
गृह प्रवेश पूजा में दूध उबालना अत्यंत शुभ विधान:
विधि: नवगृह प्रवेश के बाद, नई रसोई में सबसे पहले दूध उबालें। दूध उफनकर बर्तन से बाहर आए = अत्यंत शुभ संकेत।
अर्थ
- 1दूध = समृद्धि: दूध = श्वेत = शुद्ध, पवित्र, पोषक। नये घर में पहला कार्य = दूध उबालना = 'इस घर में पोषण और समृद्धि कभी कम न हो।'
- 1उफनना = प्रचुरता: दूध उफनकर बाहर आना = प्रचुरता, बहुतायत। 'इस घर में सुख-समृद्धि बाहर तक बहे' = अत्यंत शुभ।
- 1अग्नि = रसोई शुद्धि: नये चूल्हे/गैस पर पहली बार अग्नि = रसोई देवता (अन्नपूर्णा) का आह्वान। दूध = सबसे पवित्र पदार्थ = रसोई की प्रथम सामग्री।
- 1खीर प्रसाद: उबले दूध से खीर (चावल+दूध+चीनी) बनाएँ = गृह प्रवेश प्रसाद। परिवार और पड़ोसियों को बाँटें।
नियम: दूध उफनने दें — रोकें नहीं, जलने न दें। उफना दूध = शुभ। दूध न उफने/जल जाए = पूजा दोहराएँ (कुछ परम्पराओं में)।





