ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
दशमहाविद्या📜 तंत्र शास्त्र, शोध: अमर उजाला, Wikipedia Hindi1 मिनट पठन

तारा महाविद्या की साधना कैसे करें और इसके क्या लाभ हैं?

संक्षिप्त उत्तर

दूसरी महाविद्या — 'तारने वाली'। नीलवर्णा, वशिष्ठ प्रथम उपासक। बीज: 'ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट'। रात्रि साधना, नीला आसन/वस्त्र। लाभ: वाक् सिद्धि, आर्थिक+मोक्ष, ज्ञान। गुरु आवश्यक।

📖

विस्तृत उत्तर

तारा = दूसरी महाविद्या — 'तारने वाली' (संसार सागर से पार):

परिचय (अमर उजाला/Wikipedia): नीलवर्णा, महर्षि वशिष्ठ प्रथम उपासक। तारापीठ (पश्चिम बंगाल) प्रमुख सिद्धपीठ।

साधना विधि

  1. 1गुरु दीक्षा अत्यंत अनुशंसित (सौम्य-उग्र)।
  2. 2रात्रि/मध्यरात्रि साधना काल।
  3. 3नीला आसन, नीले वस्त्र।
  4. 4बीज मंत्र: 'ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट' — 108/1008 जप।
  5. 5रुद्राक्ष/स्फटिक माला।
  6. 6चैत्र नवमी शुक्ल पक्ष — सर्वसिद्धिकारक (अमर उजाला)।

लाभ

  • वाक् सिद्धि — बोला हुआ सत्य हो।
  • आर्थिक उन्नति + मोक्ष — भौतिक + आध्यात्मिक दोनों।
  • ज्ञान — विद्या, कला, बुद्धि।
  • तारना — संकट/भय/रोग से मुक्ति।

सावधानी: उग्र-सौम्य — गुरु मार्गदर्शन आवश्यक।

📜
शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, शोध: अमर उजाला, Wikipedia Hindi
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

तारासाधनाविधिलाभदूसरी महाविद्या

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

तारा महाविद्या की साधना कैसे करें और इसके क्या लाभ हैं — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको दशमहाविद्या से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर तंत्र शास्त्र, शोध: अमर उजाला, Wikipedia Hindi पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।