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ध्यान अभ्यास📜 विज्ञान भैरव तंत्र — ध्यान विधि, तंत्रालोक, कुलार्णव तंत्र1 मिनट पठन

तंत्र साधना में ध्यान का अभ्यास कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

तंत्र ध्यान अभ्यास: एकांत-सिद्धासन-दीपक। तीन गहरी श्वासें। देव स्वरूप मन में (चरण से मुकुट)। मंत्र जप 21 बार। स्थिरता। 'सोऽहम्' श्वास ध्यान (श्वास में 'सः-हम्')। समर्पण। मौन। नित्य 15 मिनट।

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विस्तृत उत्तर

तंत्र साधना में ध्यान का अभ्यास विज्ञान भैरव तंत्र में 112 विधियों के माध्यम से वर्णित है:

प्रारंभिक साधक के लिए क्रम

चरण 1 — स्थान और आसन

एकांत, एक ही स्थान, सिद्धासन या पद्मासन, रीढ़ सीधी।

चरण 2 — वातावरण

घी या सरसों तेल का दीपक जलाएं। शांत वातावरण।

चरण 3 — तीन श्वास

तीन गहरी-धीमी साँसें। प्रत्येक श्वास छोड़ते समय तनाव बाहर।

चरण 4 — देव आवाहन

इष्ट देव का स्वरूप मन में — चरण से मुकुट तक — विस्तार से, स्पष्ट।

चरण 5 — मंत्र जप

मानस जप (मन में) — 21 बार।

चरण 6 — स्थिरता

मंत्र रोकें। देव के स्वरूप पर मन — कुछ क्षण।

चरण 7 — 'सोऽहम्' ध्यान

श्वास लेते — 'सः', छोड़ते — 'हम्।'

चरण 8 — समर्पण

सब देव को अर्पित। कुछ क्षण मौन।

नित्य अभ्यास

15 मिनट नित्य > 1 घंटा कभी-कभी।

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शास्त्रीय स्रोत
विज्ञान भैरव तंत्र — ध्यान विधि, तंत्रालोक, कुलार्णव तंत्र
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