विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना में ध्यान का अभ्यास विज्ञान भैरव तंत्र में 112 विधियों के माध्यम से वर्णित है:
प्रारंभिक साधक के लिए क्रम
चरण 1 — स्थान और आसन
एकांत, एक ही स्थान, सिद्धासन या पद्मासन, रीढ़ सीधी।
चरण 2 — वातावरण
घी या सरसों तेल का दीपक जलाएं। शांत वातावरण।
चरण 3 — तीन श्वास
तीन गहरी-धीमी साँसें। प्रत्येक श्वास छोड़ते समय तनाव बाहर।
चरण 4 — देव आवाहन
इष्ट देव का स्वरूप मन में — चरण से मुकुट तक — विस्तार से, स्पष्ट।
चरण 5 — मंत्र जप
मानस जप (मन में) — 21 बार।
चरण 6 — स्थिरता
मंत्र रोकें। देव के स्वरूप पर मन — कुछ क्षण।
चरण 7 — 'सोऽहम्' ध्यान
श्वास लेते — 'सः', छोड़ते — 'हम्।'
चरण 8 — समर्पण
सब देव को अर्पित। कुछ क्षण मौन।
नित्य अभ्यास
15 मिनट नित्य > 1 घंटा कभी-कभी।





