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स्वर्ण से जुड़े सभी प्रश्न(18)

स्वर्ण पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 18 प्रश्न उपलब्ध हैं।

यंत्र साधना

तंत्र में स्वर्ण पत्र पर यंत्र बनाने का क्या विधान है?

सर्वोत्तम (स्वर्ण>रजत>ताम्र>भोजपत्र)। सात्विक, अविनाशी, लक्ष्मी=सोना, सूर्य ऊर्जा। दीपावली/नवरात्रि/अक्षय तृतीया। सिद्ध शिल्पी। प्राण प्रतिष्ठा+सवा लाख। व्यावहारिक: ताम्र = प्रभावी विकल्प।

#स्वर्ण#पत्र#यंत्र
लोक

पुष्कर द्वीप में ब्रह्मा जी का आसन कैसा है?

पुष्कर द्वीप में 10 करोड़ पंखुड़ियों वाला विशाल स्वर्ण कमल है जो ब्रह्मा जी का आसन है। यहाँ मानसोत्तर पर्वत पर इन्द्र, यम, वरुण और चंद्र की राजधानियाँ हैं।

#पुष्कर द्वीप#ब्रह्मा#कमल
लोक

जाम्बूनद सोना क्या है?

जाम्बूनद वह दिव्य सोना है जो जम्बू नदी के रस से भीगी मिट्टी के सूर्य और वायु से पककर बनता है। देवियाँ इससे अपने आभूषण बनाती हैं और अमरावती इसी से बनी है।

#जाम्बूनद#सोना#जम्बू नदी
लोक

सुमेरु पर्वत क्या है?

सुमेरु पर्वत जम्बूद्वीप के केंद्र में स्थित सम्पूर्ण ब्रह्मांड की धुरी है। यह 84,000 योजन ऊँचा और 16,000 योजन गहरा है। इसके शिखर पर ब्रह्मा जी की पुरी है।

#सुमेरु पर्वत#मेरु#ब्रह्मांड धुरी
लोक

महातल लोक का धरातल कैसा बताया गया है?

महातल का धरातल स्वर्ण और मणियों से जटित, अत्यंत भव्य और विलासी बताया गया है।

#महातल धरातल#मणि जटित#स्वर्ण
लोक

महातल लोक की भूमि कैसी है?

महातल की भूमि स्वर्ण और मणियों से जटित बताई गई है।

#महातल भूमि#स्वर्ण#मणि
लोक

रसातल लोक के महल कैसे हैं?

रसातल के महल रत्नों, स्फटिकों और स्वर्ण से बने अत्यंत भव्य और मायावी बताए गए हैं।

#रसातल महल#रत्न#स्वर्ण
लोक

सुतल लोक के महल कैसे हैं?

सुतल लोक के महल स्वर्ण, स्फटिक, नीलम, पन्ना और दिव्य रत्नों से जड़े हुए अत्यंत भव्य बताए गए हैं।

#सुतल महल#सुतल वास्तुकला#रत्न
लोक

मय दानव ने त्रिपुर नगर कैसे बनाए?

मय दानव ने तारकाक्ष के लिए स्वर्ण, कमलाक्ष के लिए रजत और विद्युन्माली के लिए लौह नगर बनाए।

#मय दानव#त्रिपुर नगर#स्वर्ण
लोक

तलातल में कौन-कौन से रत्नों से भवन बने हैं?

तलातल के भवन स्वर्ण, रजत, स्फटिक और बहुमूल्य रत्नों से जड़े हैं।

#तलातल भवन#स्वर्ण#रजत
लोक

तलातल के महल कैसे बताए गए हैं?

तलातल के महल स्वर्ण, रजत, स्फटिक और रत्नों से जड़े विशाल और मायावी प्रासाद हैं।

#तलातल महल#रत्न प्रासाद#स्वर्ण
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

शरीर के नौ द्वारों में स्वर्ण रखने का क्या विधान है?

नौ द्वारों में स्वर्ण रखना देह की पवित्रता और पारलौकिक शुद्धता का शास्त्रीय विधान है।

#नौ द्वार#स्वर्ण#मृत्यु विधि
लोक

वितल लोक में कौन रहता है?

वितल लोक में भगवान शिव के हाटकेश्वर स्वरूप का निवास है जो भवानी और भूत-गणों से घिरे रहते हैं। यहाँ हाटकी नदी बहती है और शिव स्वर्ण खदानों के स्वामी हैं।

#वितल लोक#भगवान शिव#हाटकेश्वर
अष्टलक्ष्मी

धनलक्ष्मी का क्या स्वरूप है?

धनलक्ष्मी = भौतिक संपदा, आय, स्वर्ण और दरिद्रता नाश की शक्ति। ऋणमुक्ति और आर्थिक स्थायित्व देती हैं। स्वरूप: लाल वस्त्र, छः भुजाएं, स्वर्ण मुद्राओं का कलश, स्वर्ण वर्षा।

#धनलक्ष्मी#भौतिक संपदा#ऋणमुक्ति
स्वप्न शास्त्र

सपने में सोना दिखने का क्या अर्थ

सोना = अत्यंत शुभ। धन लाभ, सौभाग्य, सम्मान, विवाह योग। सोना पाना=बड़ा लाभ; पहनना=प्रतिष्ठा; खोना=सावधानी; मटमैला=धोखा। सूर्य/बृहस्पति कृपा। शुभ सपना गुप्त रखें।

#सोना#स्वर्ण#सपना
मुहूर्त एवं योग

गुरु पुष्य योग में खरीदारी और पूजा का क्या महत्व है

गुरु पुष्य = गुरुवार + पुष्य नक्षत्र। धन-समृद्धि का सर्वोत्तम मुहूर्त। स्वर्ण/रत्न/सम्पत्ति/वाहन खरीद = अक्षय। बृहस्पति + विष्णु/लक्ष्मी पूजा। पीले वस्त्र-फूल। विवाह वर्जित (पुष्य में), अन्य सभी शुभ। रवि पुष्य से अधिक बार आता है।

#गुरु पुष्य#नक्षत्र#खरीदारी
पर्व

अक्षय तृतीया पर पूजा और दान कैसे करें

अक्षय तृतीया: वैशाख शुक्ल तृतीया। पूजा: विष्णु-लक्ष्मी पूजा, गंगा स्नान, सत्यनारायण कथा। दान: जल (सर्वोत्तम), अन्न, वस्त्र, छाता, स्वर्ण खरीद शुभ। सम्पूर्ण दिन स्वयंसिद्ध शुभ — मुहूर्त अनावश्यक। परशुराम जन्म, सुदामा-कृष्ण कथा। अक्षय = कभी क्षीण न हो।

#अक्षय तृतीया#दान#स्वर्ण
मुहूर्त शास्त्र

सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त कब होता है?

धनतेरस(सर्वश्रेष्ठ), अक्षय तृतीया('अक्षय'=कभी न घटे), पुष्य नक्षत्र। गुरुपुष्य योग। गुरु/शुक्रवार। अमावस्या/ग्रहण/राहुकाल वर्जित।

#सोना#स्वर्ण#मुहूर्त
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