विस्तृत उत्तर
अतल लोक के ठीक नीचे वितल लोक स्थित है। वितल लोक में भगवान शिव के एक रूप हाटकेश्वर (हर-भव) का निवास है जो अपनी पत्नी भवानी के साथ वहाँ भूत-गणों से घिरे रहते हैं और स्वर्ण खदानों के स्वामी हैं। वितल लोक में हाटकी नामक नदी बहती है जो भगवान शिव और भवानी के तेज से उत्पन्न हुई है। इसीलिए इस लोक के शिव स्वरूप को हाटकेश्वर कहा जाता है। वितल लोक का वर्णन भागवत पुराण में विस्तार से मिलता है और यह लोक अतल से भी अधिक रहस्यमय और दिव्य माना जाता है क्योंकि यहाँ स्वयं भगवान शिव का निवास है।
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