विस्तृत उत्तर
पुष्कर द्वीप मट्ठे के सागर के पार स्थित है जो मीठे जल (Sweet water) के सागर से घिरा है। यहाँ 10 करोड़ (100 मिलियन) पंखुड़ियों वाला एक विशाल स्वर्ण कमल है जो स्वयं ब्रह्मा जी का आसन है। यह विशाल सोने का कमल ही पुष्कर द्वीप की सबसे प्रमुख विशेषता है और इसी कारण इस द्वीप का नाम 'पुष्कर' पड़ा। इस द्वीप के मध्य में 'मानसोत्तर' नामक पर्वत श्रृंखला है जो 10,000 योजन ऊँची है। इसी मानसोत्तर पर्वत पर देवराज इन्द्र, यमराज, वरुण और चंद्र देव (सोम) की राजधानियां स्थित हैं। अतः पुष्कर द्वीप का मानसोत्तर पर्वत स्वर्लोक का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र है। यहाँ के निवासी साक्षात परमेष्ठी ब्रह्मा जी की उपासना करते हैं।
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