विस्तृत उत्तर
नवरात्रि में देवी शक्ति की विशेष उपासना हेतु यंत्र स्थापना का विधान तांत्रिक परम्परा में है।
प्रमुख यंत्र
1श्रीयंत्र (श्री चक्र) — सर्वश्रेष्ठ
श्रीयंत्र = महालक्ष्मी/त्रिपुरसुन्दरी का यंत्र। धन, समृद्धि, ऐश्वर्य, और आध्यात्मिक उन्नति। यह सबसे पवित्र और शक्तिशाली यंत्र माना जाता है।
2दुर्गा बीसा यंत्र
विशेष रूप से नवरात्रि हेतु। शत्रुनाश, रोगनाश, भयनिवारण।
3नवदुर्गा यंत्र
navadurga के नौ रूपों की शक्ति — सम्पूर्ण नवरात्रि साधना हेतु।
4महाकाली यंत्र
शत्रुनाश, भूत-प्रेत बाधा निवारण।
5बगलामुखी यंत्र
शत्रु स्तम्भन, कोर्ट केस, विरोधी नाश।
स्थापना विधि (सामान्य)
- ▸नवरात्रि प्रतिपदा (पहले दिन) घटस्थापना के साथ।
- ▸शुद्ध स्थान पर लाल कपड़े पर रखें।
- ▸गंगाजल/पंचामृत से शुद्ध करें।
- ▸पुष्प, चन्दन, कुमकुम, धूप-दीप से पूजन।
- ▸नित्य पूजा करें — 9 दिन तक।
महत्वपूर्ण सावधानी
- ▸यंत्र स्थापना गुरु/विद्वान पुरोहित के मार्गदर्शन में करें।
- ▸बिना प्राण प्रतिष्ठा/मंत्र सिद्धि के यंत्र निष्प्रभ।
- ▸बाज़ार में उपलब्ध यंत्रों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करें।
- ▸यंत्र की नियमित पूजा अनिवार्य — उपेक्षा अशुभ।





