ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
देवी उपासना📜 तंत्र शास्त्र, देवी उपासना विधान, श्रीविद्या परम्परा2 मिनट पठन

नवरात्रि में घर में कौन सा यंत्र स्थापित करें

संक्षिप्त उत्तर

नवरात्रि यंत्र: श्रीयंत्र (सर्वश्रेष्ठ — धन/समृद्धि), दुर्गा बीसा (शत्रुनाश), नवदुर्गा यंत्र, महाकाली, बगलामुखी (कोर्ट/शत्रु)। लाल कपड़े पर, गंगाजल शुद्धि, नित्य पूजा। गुरु मार्गदर्शन अनिवार्य — बिना प्राण प्रतिष्ठा निष्प्रभ। बाज़ारी की प्रामाणिकता जाँचें।

📖

विस्तृत उत्तर

नवरात्रि में देवी शक्ति की विशेष उपासना हेतु यंत्र स्थापना का विधान तांत्रिक परम्परा में है।

प्रमुख यंत्र

1श्रीयंत्र (श्री चक्र) — सर्वश्रेष्ठ

श्रीयंत्र = महालक्ष्मी/त्रिपुरसुन्दरी का यंत्र। धन, समृद्धि, ऐश्वर्य, और आध्यात्मिक उन्नति। यह सबसे पवित्र और शक्तिशाली यंत्र माना जाता है।

2दुर्गा बीसा यंत्र

विशेष रूप से नवरात्रि हेतु। शत्रुनाश, रोगनाश, भयनिवारण।

3नवदुर्गा यंत्र

navadurga के नौ रूपों की शक्ति — सम्पूर्ण नवरात्रि साधना हेतु।

4महाकाली यंत्र

शत्रुनाश, भूत-प्रेत बाधा निवारण।

5बगलामुखी यंत्र

शत्रु स्तम्भन, कोर्ट केस, विरोधी नाश।

स्थापना विधि (सामान्य)

  • नवरात्रि प्रतिपदा (पहले दिन) घटस्थापना के साथ।
  • शुद्ध स्थान पर लाल कपड़े पर रखें।
  • गंगाजल/पंचामृत से शुद्ध करें।
  • पुष्प, चन्दन, कुमकुम, धूप-दीप से पूजन।
  • नित्य पूजा करें — 9 दिन तक।

महत्वपूर्ण सावधानी

  • यंत्र स्थापना गुरु/विद्वान पुरोहित के मार्गदर्शन में करें।
  • बिना प्राण प्रतिष्ठा/मंत्र सिद्धि के यंत्र निष्प्रभ।
  • बाज़ार में उपलब्ध यंत्रों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करें।
  • यंत्र की नियमित पूजा अनिवार्य — उपेक्षा अशुभ।
📜
शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, देवी उपासना विधान, श्रीविद्या परम्परा
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

नवरात्रियंत्रश्रीयंत्रदुर्गा

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

नवरात्रि में घर में कौन सा यंत्र स्थापित करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको देवी उपासना से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर तंत्र शास्त्र, देवी उपासना विधान, श्रीविद्या परम्परा पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।