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देवी उपासना📜 तंत्र शास्त्र, देवी कवचम्, नवरात्रि साधना विधान2 मिनट पठन

नवदुर्गा के नौ रूपों के बीज मंत्र क्या हैं

संक्षिप्त उत्तर

नवदुर्गा बीज मंत्र: (1) शैलपुत्री: ॐ ह्रीं..., (2-9) क्रमशः प्रत्येक रूप का विशिष्ट मंत्र (ऐं/ह्रीं/क्लीं बीजाक्षर)। प्रतिदिन 108 जप। सार्वभौमिक: नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे'। गुरु प्राप्त मंत्र सर्वोत्तम। पाठभेद सम्भव।

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विस्तृत उत्तर

नवदुर्गा के नौ रूपों के बीज मंत्र नवरात्रि साधना में अत्यन्त प्रभावशाली माने जाते हैं।

नौ रूप और बीज मंत्र

  1. 1शैलपुत्री: ॐ ह्रीं शैलपुत्र्यै नमः
  2. 2ब्रह्मचारिणी: ॐ ह्रीं ब्रह्मचारिण्यै नमः
  3. 3चन्द्रघण्टा: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चन्द्रघण्टायै नमः
  4. 4कूष्माण्डा: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्माण्डायै नमः
  5. 5स्कन्दमाता: ॐ ह्रीं क्लीं स्कन्दमात्रे नमः
  6. 6कात्यायनी: ॐ ह्रीं कात्यायन्यै नमः
  7. 7कालरात्रि: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नमः
  8. 8महागौरी: ॐ ह्रीं श्रीं महागौर्यै नमः
  9. 9सिद्धिदात्री: ॐ ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धिदात्र्यै नमः

जप विधान

  • प्रत्येक दिन सम्बन्धित देवी का बीज मंत्र 108 बार जपें।
  • माला (रुद्राक्ष/स्फटिक) से जप।
  • लाल आसन पर, पूर्व/उत्तर मुख।

सार्वभौमिक मंत्र

  • नवार्ण मंत्र: 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' — सभी नौ रूपों का सम्मिलित मंत्र।
  • 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' — दुर्गा बीज मंत्र।

ध्यान दें: बीज मंत्रों के विभिन्न पाठभेद हैं — कुछ परम्पराओं में भिन्न बीज मंत्र हो सकते हैं। गुरु से प्राप्त मंत्र सर्वोत्तम।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, देवी कवचम्, नवरात्रि साधना विधान
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