विस्तृत उत्तर
नवदुर्गा के नौ रूपों के बीज मंत्र नवरात्रि साधना में अत्यन्त प्रभावशाली माने जाते हैं।
नौ रूप और बीज मंत्र
- 1शैलपुत्री: ॐ ह्रीं शैलपुत्र्यै नमः
- 2ब्रह्मचारिणी: ॐ ह्रीं ब्रह्मचारिण्यै नमः
- 3चन्द्रघण्टा: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चन्द्रघण्टायै नमः
- 4कूष्माण्डा: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्माण्डायै नमः
- 5स्कन्दमाता: ॐ ह्रीं क्लीं स्कन्दमात्रे नमः
- 6कात्यायनी: ॐ ह्रीं कात्यायन्यै नमः
- 7कालरात्रि: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नमः
- 8महागौरी: ॐ ह्रीं श्रीं महागौर्यै नमः
- 9सिद्धिदात्री: ॐ ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धिदात्र्यै नमः
जप विधान
- ▸प्रत्येक दिन सम्बन्धित देवी का बीज मंत्र 108 बार जपें।
- ▸माला (रुद्राक्ष/स्फटिक) से जप।
- ▸लाल आसन पर, पूर्व/उत्तर मुख।
सार्वभौमिक मंत्र
- ▸नवार्ण मंत्र: 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' — सभी नौ रूपों का सम्मिलित मंत्र।
- ▸'ॐ दुं दुर्गायै नमः' — दुर्गा बीज मंत्र।
ध्यान दें: बीज मंत्रों के विभिन्न पाठभेद हैं — कुछ परम्पराओं में भिन्न बीज मंत्र हो सकते हैं। गुरु से प्राप्त मंत्र सर्वोत्तम।




