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देवी उपासना⏱ 2 मिनट पठन

दुर्गा मां के नौ रूपों की अलग अलग आरती क्या है?

नवदुर्गा आरतियाँ: प्रत्येक दिन विशिष्ट — शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघण्टा, कूष्माण्डा, स्कन्दमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री। सर्वव्यापी: 'जय अम्बे गौरी' सभी दिन मान्य।

संक्षिप्त उत्तर

नवदुर्गा आरतियाँ: प्रत्येक दिन विशिष्ट — शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघण्टा, कूष्माण्डा, स्कन्दमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री। सर्वव्यापी: 'जय अम्बे गौरी' सभी दिन मान्य। ये भक्ति रचनाएँ हैं — क्षेत्र अनुसार भिन्नता।

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विस्तृत उत्तर

नवरात्रि के नौ दिनों में माँ दुर्गा के नौ रूपों की अलग-अलग आरती गाई जाती है। ये आरतियाँ प्रमुखतः लोक परम्परा और भक्ति साहित्य से हैं (वैदिक नहीं)।

नवदुर्गा आरतियाँ (संक्षिप्त)

  1. 1शैलपुत्री: 'जय शैलपुत्री माता, जय शैलपुत्री माता। नन्दी सवारी दुर्गा, सुख सम्पत्ति दाता॥'
  2. 2ब्रह्मचारिणी: 'जय ब्रह्मचारिणी माता...' तप और संयम की देवी।
  3. 3चन्द्रघण्टा: 'जय चन्द्रघण्टा माता...' चन्द्र स्वरूपा, शौर्यदायिनी।
  4. 4कूष्माण्डा: 'जय कूष्माण्डा माता...' सृष्टि रचयिता, अष्टभुजा।
  5. 5स्कन्दमाता: 'जय स्कन्दमाता माता...' कार्तिकेय की माता।
  6. 6कात्यायनी: 'जय कात्यायनी माता...' महिषासुर मर्दिनी।
  7. 7कालरात्रि: 'जय कालरात्रि माता...' अंधकार नाशिनी।
  8. 8महागौरी: 'जय महागौरी माता...' श्वेत वर्णा, शान्तिदायिनी।
  9. 9सिद्धिदात्री: 'जय सिद्धिदात्री माता...' अष्ट सिद्धि प्रदायिनी।

सर्वव्यापी आरती

नवों दिन 'जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी...' या 'ॐ जय दुर्गे माता...' आरती भी गाई जाती है — यह सभी रूपों के लिए मान्य है।

ध्यान दें: प्रत्येक दिन की विशिष्ट आरतियाँ क्षेत्र, परम्परा और सम्प्रदाय अनुसार भिन्न हो सकती हैं। किसी एक मानकीकृत पाठ का शास्त्रीय आधार नहीं है — ये भक्ति रचनाएँ हैं।

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दुर्गा मां के नौ रूपों की अलग अलग आरती क्या है को संदर्भ सहित समझें

दुर्गा मां के नौ रूपों की अलग अलग आरती क्या है का सबसे सीधा सार यह है: नवदुर्गा आरतियाँ: प्रत्येक दिन विशिष्ट — शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघण्टा, कूष्माण्डा, स्कन्दमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री। सर्वव्यापी: 'जय अम्बे गौरी' सभी दिन मान्य। ये भक्ति रचनाएँ हैं — क्षेत्र...

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