विस्तृत उत्तर
नवरात्रि में माँ दुर्गा को भोग (नैवेद्य) अर्पित करने का विशेष विधान है।
प्रत्येक दिन का भोग (कुछ परम्पराओं में)
- 1शैलपुत्री: गाय का घी
- 2ब्रह्मचारिणी: शक्कर/मिश्री
- 3चन्द्रघण्टा: दूध/खीर
- 4कूष्माण्डा: मालपूआ
- 5स्कन्दमाता: केला
- 6कात्यायनी: शहद
- 7कालरात्रि: गुड़
- 8महागौरी: नारियल
- 9सिद्धिदात्री: तिल
सामान्य भोग (सभी दिनों हेतु)
- ▸हलवा, पूड़ी, खीर
- ▸फल (केला, सेब, नारियल, अनार)
- ▸मिश्री, बताशे
- ▸पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
- ▸मिठाई (पेड़ा, लड्डू, बर्फी)
- ▸गुड़ चना
- ▸दूध
नियम
- ▸सात्विक भोग — प्याज, लहसुन, माँस, मद्य पूर्णतः वर्जित।
- ▸शुद्ध मन, शुद्ध रसोई में तैयार करें।
- ▸भोग लगाने के बाद कुछ देर रखें, फिर प्रसाद वितरित करें।
- ▸तुलसी पत्र भोग पर रखना शुभ।





