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देवी उपासना📜 नवरात्रि पूजा विधान, लोक परम्परा1 मिनट पठन

नवरात्रि में देवी को भोग में क्या क्या लगाएं

संक्षिप्त उत्तर

नवरात्रि भोग: दिन अनुसार — घी, मिश्री, खीर, मालपूआ, केला, शहद, गुड़, नारियल, तिल। सामान्य: हलवा-पूड़ी, फल, पंचामृत, मिठाई, बताशे, दूध। सात्विक — प्याज-लहसुन-माँस वर्जित। शुद्ध मन से तैयार, तुलसी पत्र रखें।

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विस्तृत उत्तर

नवरात्रि में माँ दुर्गा को भोग (नैवेद्य) अर्पित करने का विशेष विधान है।

प्रत्येक दिन का भोग (कुछ परम्पराओं में)

  1. 1शैलपुत्री: गाय का घी
  2. 2ब्रह्मचारिणी: शक्कर/मिश्री
  3. 3चन्द्रघण्टा: दूध/खीर
  4. 4कूष्माण्डा: मालपूआ
  5. 5स्कन्दमाता: केला
  6. 6कात्यायनी: शहद
  7. 7कालरात्रि: गुड़
  8. 8महागौरी: नारियल
  9. 9सिद्धिदात्री: तिल

सामान्य भोग (सभी दिनों हेतु)

  • हलवा, पूड़ी, खीर
  • फल (केला, सेब, नारियल, अनार)
  • मिश्री, बताशे
  • पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
  • मिठाई (पेड़ा, लड्डू, बर्फी)
  • गुड़ चना
  • दूध

नियम

  • सात्विक भोग — प्याज, लहसुन, माँस, मद्य पूर्णतः वर्जित।
  • शुद्ध मन, शुद्ध रसोई में तैयार करें।
  • भोग लगाने के बाद कुछ देर रखें, फिर प्रसाद वितरित करें।
  • तुलसी पत्र भोग पर रखना शुभ।
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शास्त्रीय स्रोत
नवरात्रि पूजा विधान, लोक परम्परा
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