विस्तृत उत्तर
काली माता को नीबू काटकर अर्पित करना मुख्यतः तांत्रिक और लोक परम्परा में प्रचलित है।
विधान
1नीबू अर्पण का अर्थ
नीबू = नकारात्मक ऊर्जा/बुरी दृष्टि का अवशोषक। काली माता = नकारात्मकता/अन्धकार की विनाशिनी। नीबू काटकर अर्पित करना = अपनी नकारात्मक ऊर्जा/बाधाओं को काली माता को सौंपकर उनसे मुक्ति पाना।
2कैसे अर्पित करें
- ▸स्नान/शुद्धि के बाद।
- ▸एक या अधिक (विषम संख्या — 1, 3, 5, 7) नीबू लें।
- ▸नीबू को चाकू/चम्मच से काटें (कुछ परम्पराओं में मन्दिर में ही)।
- ▸'ॐ क्रीं कालिकायै नमः' बोलकर काली माता के चरणों में रखें।
- ▸कटे नीबू पर लाल कुमकुम/सिंदूर लगाएँ।
3कब
- ▸मंगलवार/शनिवार — काली माता के प्रमुख दिन।
- ▸अमावस्या — काली पूजा विशेष।
- ▸काली पूजा (कार्तिक अमावस्या — बंगाल)।
- ▸किसी भी संकट/बाधा निवारण हेतु।
4तांत्रिक प्रयोग
तंत्र शास्त्र में नीबू से बुरी नजर, टोटका, और नकारात्मक शक्तियों का निवारण किया जाता है। काली माता इन शक्तियों की विनाशिनी हैं।
ध्यान दें: यह मुख्यतः तांत्रिक/लोक परम्परा है। सभी शाखाओं/सम्प्रदायों में यह प्रचलित नहीं। गम्भीर तांत्रिक अनुष्ठान गुरु मार्गदर्शन में ही करें।





