ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
काली प्रत्यक्ष दर्शन: रहस्यमयी शाबर मंत्र साधना (विधि) !
मंत्र

काली प्रत्यक्ष दर्शन: रहस्यमयी शाबर मंत्र साधना (विधि) !

📿 पौराणिक5 मिनट पढ़ें
WhatsApp
श्री काली दर्शन शाबर मंत्र

श्री काली दर्शन शाबर मंत्र

मंत्र

मंत्र: डण्ड भुज−डण्ड, प्रचण्ड नो खण्ड। प्रगट देवि, तुहि झुण्डन के झुण्ड। खगर दिखा खप्पर लियां, खड़ी कालका। तागड़दे मस्तङ्ग, तिलक मागरदे मस्तङ्ग। चोला जरी का, फागड़ दीफू , गले फुल−माल, जय जय जयन्त। जय आदि−शक्ति। जय कालका खपर−धनी। जय मचकु ट छन्दनी देव। जय−जय महिरा, जय मरदिनी। जय−जय चुण्ड−मुण्ड भण्डासुर−खण्डनी, जय रक्त−बीज बिडाल−बिहण्डनी। जय निशुम्भ को दलनी, जय शिव राजेश्वरी। अमृत−यज्ञ धागी−धृट, दृवड़ दृवड़नी। बड़ रवि डर−डरनी ॐ ॐ ॐ।

देवता

महाकाली, आदि-शक्ति।

स्रोत

शाबर तंत्र परंपरा।

प्रयोजन

जगदम्बा (महाकाली) का प्रत्यक्ष दर्शन प्राप्त करना।

विधि

नवरात्रि में प्रतिपदा से नवमी तक, घी का दीपक और धूप जलाकर, प्रातःकाल ४० बार एवं सायंकाल ४० बार इस मंत्र का जप करना चाहिए। जप की संख्या निर्धारित है, उससे अधिक या कम नहीं करना चाहिए।

महत्व

यह देवी के प्रत्यक्ष दर्शन हेतु एक उच्च स्तरीय एवं अत्यंत गोपनीय शाबर साधना है। शाबर मंत्रों में देवी-देवताओं के दर्शन के लिए भी विधान मिलते हैं, जो उनकी शक्ति और साधक की गहन निष्ठा पर आधारित होते हैं।