विस्तृत उत्तर
नवरात्रि में अष्टमी या नवमी को कन्या भोज (कन्या पूजन) का विधान है। 2-10 वर्ष की कन्याओं को देवी रूप मानकर भोजन कराया जाता है।
कन्या भोज में बनाएँ
प्रमुख व्यंजन
- ▸पूड़ी (सबसे प्रमुख)
- ▸हलवा (सूजी/आटे का)
- ▸काले चने की सब्जी (सबसे पारम्परिक)
- ▸खीर (दूध-चावल)
अन्य शुभ व्यंजन
- ▸दही-भल्ले
- ▸आलू की सब्जी
- ▸पनीर की सब्जी
- ▸राजमा/छोले
- ▸मिठाई (गुलाबजामुन, रसगुल्ला, बर्फी, लड्डू)
- ▸फल (केला, सेब, संतरा)
- ▸मिश्री, बताशे
नियम
- ▸सात्विक भोजन — प्याज, लहसुन, माँस वर्जित।
- ▸शुद्ध मन और स्वच्छ रसोई में बनाएँ।
- ▸कन्याओं को पहले भोजन कराएँ, स्वयं बाद में।
कन्या पूजन विधि (संक्षिप्त)
- ▸9 कन्याओं को बुलाएँ (2-10 वर्ष)।
- ▸पैर धोएँ, तिलक लगाएँ।
- ▸लाल चुनरी/वस्त्र, श्रृंगार सामग्री भेंट करें।
- ▸भोजन कराएँ।
- ▸चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।
- ▸दक्षिणा/उपहार दें।
- ▸1 लांगुर (लड़का) भी बैठाने की परम्परा (भैरव स्वरूप)।





