विस्तृत उत्तर
दुर्गा मां को लाल चुनरी चढ़ाना उनकी पूजा का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है:
महत्व
- 1शक्ति और पराक्रम: लाल रंग अग्नि, ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक। दुर्गा = शक्ति स्वरूपा — लाल चुनरी उनकी शक्ति का प्रतीकात्मक अर्पण।
- 1सुहाग और सौभाग्य: लाल = सुहाग का रंग। विवाहित महिलाएं सुहाग रक्षा हेतु चुनरी अर्पित करती हैं। अविवाहित कन्याएं अच्छे वर की कामना से चढ़ाती हैं।
- 1रजोगुण जागृति: शास्त्र: लाल रंग 'रजोगुण' (क्रियाशीलता) जागृत करता है। दुर्गा = रजोगुण की अधिष्ठात्री देवी — सृष्टि की क्रियाशील शक्ति।
- 1रक्त/जीवन शक्ति: लाल = रक्त = जीवन। देवी जीवनदायिनी — चुनरी = जीवन शक्ति का समर्पण।
- 1मन्नत परंपरा: भक्त मन्नत मांगते समय लाल चुनरी बांधते हैं। पूर्ण होने पर पुनः चुनरी अर्पित।
- 1वस्त्र अर्पण = सम्मान: देवी को वस्त्र अर्पण करना षोडशोपचार पूजा का अंग है — लाल चुनरी = देवी का प्रिय वस्त्र।
चुनरी अर्पण के नियम
- ▸नई, शुद्ध, अखंडित चुनरी हो।
- ▸लाल या केसरी रंग सर्वोत्तम।
- ▸चुनरी पर हल्दी/कुमकुम छिड़ककर अर्पित करें।
- ▸प्रणाम करके दोनों हाथों से अर्पित करें।





