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धन प्रश्नोत्तरी — 38 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित धन विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 38 प्रश्न

यंत्र

कुबेर यंत्र से धन प्राप्ति कैसे होती है?

कुबेर = धन देवता। उत्तर दिशा, तिजोरी/गल्ले में। धनतेरस/दीपावली/अक्षय तृतीया। 'ॐ कुबेराय नमः' 108। फल: धन वृद्धि, व्यापार, ऋण मुक्ति। मेहनत + यंत्र = धन।

कुबेरयंत्रधन
लक्ष्मी पूजा सामग्री

लक्ष्मी पूजा में कौड़ी का क्या महत्व है और कैसे रखें?

प्राचीन मुद्रा + लक्ष्मी प्रतीक (समुद्र मंथन)। तिजोरी/गल्ले में 11/21 कौड़ी लाल कपड़े में। दीपावली अनिवार्य। बटुए में 1। गंगाजल शुद्धि + 'ॐ श्रीं नमः' 11 बार।

कौड़ीलक्ष्मीधन
लक्ष्मी स्तोत्र

कनकधारा स्तोत्र का पाठ करने से क्या सच में धन की वर्षा होती है?

शंकराचार्य रचित — निर्धन ब्राह्मणी को स्वर्ण आंवलों की वर्षा। 'धन वर्षा' = प्रतीकात्मक — लक्ष्मी कृपा से धन मार्ग खुलते हैं। 21 दिन नियमित, शुक्रवार से। शुद्ध उच्चारण + कर्म भी आवश्यक।

कनकधाराशंकराचार्यधन
लक्ष्मी पूजा

लक्ष्मी पूजा में श्रीयंत्र की स्थापना कैसे करें?

दीपावली/शुक्रवार। ईशान कोण, ताम्र/रजत/भोजपत्र। पंचामृत शुद्धि → श्री सूक्त + 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं' 108। लाल कपड़ा, कमल, कुमकुम। प्रतिदिन दीपक + जप। धन समृद्धि, ऋण मुक्ति।

श्रीयंत्रस्थापनालक्ष्मी
स्तोत्र लाभ

महालक्ष्मी अष्टकम पढ़ने से क्या फल?

महालक्ष्मी अष्टकम=इन्द्र रचित(8 श्लोक)। धन, ऋण मुक्ति, व्यापार, गृहशांति। शुक्रवार+दीपावली। 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः'। दीपावली पूजा=सर्वोत्तम।

महालक्ष्मी अष्टकमलक्ष्मीधन
लक्ष्मी पूजा सामग्री

लक्ष्मी पूजा में गोमती चक्र रखने का क्या लाभ है?

गोमती नदी का प्राकृतिक चक्र = लक्ष्मी प्रतीक। तिजोरी में 11 (लाल कपड़ा) = धन वृद्धि। बुरी नजर निवारण। व्यापार वृद्धि। दीपावली: श्रीयंत्र+गोमती चक्र+कौड़ी। गंगाजल शुद्धि।

गोमती चक्रलक्ष्मीधन
श्रीमद्भागवत

धन और संतान के लिए लोग किसकी पूजा करते हैं?

रजोगुणी या तमोगुणी स्वभाव वाले लोग धन, ऐश्वर्य और संतान की कामना से भूत, पितर और प्रजापति आदि की पूजा करते हैं।

धनसंतानउपासना
श्रीमद्भागवत

पैसा किसलिए कमाना चाहिए?

अर्थ को धर्म के लिये बताया गया है; धन का फल भोग-विलास नहीं, और भोग का उद्देश्य केवल जीवन-निर्वाह है।

धनअर्थधर्म
श्रीमद्भागवत

भागवत वैष्णवों का धन क्यों है?

शुकदेवजी भागवत को पुराणों का तिलक और वैष्णवों का धन कहते हैं, क्योंकि इसमें परमहंसों का निर्मल ज्ञान और भक्ति-ज्ञान-वैराग्य सहित मुक्ति मार्ग है।

वैष्णवभागवतधन
श्रीमद्भागवत

आत्मदेव का धन कैसे नष्ट हुआ?

पहले आत्मदेव ने संतान के लिये आधा धन धर्मकर्म और दान में लगाया; बाद में धुंधुकारी ने कुसंग से पिता की संपत्ति नष्ट कर दी।

आत्मदेवधनधुंधुकारी
लोक

शिव भक्त जल्दी धनवान क्यों होते हैं?

शुकदेव जी के अनुसार शिव जी सकाम भक्तों को उनके गुण और इच्छा के अनुसार शीघ्र भौतिक वरदान दे देते हैं।

शिव भक्तधनपरीक्षित प्रश्न
लोक

लक्ष्मी जी की कृपा से धन कैसे आता है?

लक्ष्मी-कृपा श्रम को फल देती है और घर में धन-धान्य बढ़ाती है।

लक्ष्मी कृपाधनमाधव
लोक

धन आने के बाद घमंड क्यों नहीं करना चाहिए?

घमंड धन को अशुभ बनाता है, विनम्रता उसे लक्ष्मी-कृपा बनाती है।

धनघमंडलक्ष्मी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से धन ऐश्वर्य मिलता है क्या?

हाँ, धन और ऐश्वर्य मिलता है।

धनऐश्वर्यश्राद्ध फल
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से कर्ता को क्या फल मिलता है?

संतान, मेधा, धन और ऐश्वर्य।

श्राद्ध फलसंतानधन
लोक

नवमी श्राद्ध से धन ऐश्वर्य मिलता है क्या?

हाँ, धन और ऐश्वर्य का फल बताया गया है।

धनऐश्वर्यश्राद्ध फल
लोक

अष्टमी श्राद्ध से धन मिलता है क्या?

हाँ, धन और समृद्धि का फल बताया गया है।

धनश्राद्ध फलअष्टमी
लोक

अष्टमी श्राद्ध से कर्ता को क्या लाभ मिलता है?

धन, बुद्धि, आरोग्य और संतान सुख।

श्राद्ध लाभधनविद्या
लोक

सप्तमी श्राद्ध से धन कैसे मिलता है?

पितरों की प्रसन्नता से धन और संपत्ति मिलती है।

धनसमृद्धिसप्तमी श्राद्ध
लोक

रुद्र और आदित्य स्वरूप पितर कौन से फल देते हैं?

रुद्र पितर धन, स्वास्थ्य, तेज और रक्षा देते हैं; आदित्य पितर विद्या, ज्ञान-प्रकाश और मोक्ष की दिशा देते हैं।

रुद्र पितरआदित्य पितरश्राद्ध फल
लोक

यक्षों के अधिपति कौन हैं?

यक्षों के अधिपति कुबेर हैं, जो देवताओं के कोषाध्यक्ष और अलकापुरी के स्वामी हैं।

यक्ष अधिपतिकुबेरअलकापुरी
लोक

धन, घर या व्यक्ति से मोह भूत बनने का कारण क्यों है?

मृत्यु के समय धन, घर या व्यक्ति से तीव्र मोह आत्मा को पृथ्वी से बाँध देता है, जिससे भूत योनि बनती है।

मोहभूत योनिधन
श्री रुद्र-कवच-संहिता

क्या रुद्र कवच से धन और आरोग्य की प्राप्ति संभव है?

हाँ, इसके पाठ से उत्तम स्वास्थ्य, लंबी आयु, धन और विद्या की प्राप्ति होती है।

आरोग्यधनफलश्रुति
लक्ष्मी पूजा

लक्ष्मी पूजा में चांदी के सिक्के का क्या महत्व है?

चांदी = चंद्र = लक्ष्मी (समुद्र मंथन संबंध)। सिक्का = धन सम्मान। स्थिर लक्ष्मी। दीपावली: लक्ष्मी-गणेश सिक्का तिजोरी में। दान = पुण्य। शुद्धि + 'ॐ श्रीं नमः'।

चांदीसिक्कालक्ष्मी

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।