विस्तृत उत्तर
रुद्र और आदित्य स्वरूप पितर अलग-अलग प्रकार के फल देते हैं। रुद्र प्राण और शक्ति के प्रतीक हैं। रुद्र-रूप पितामह की तृप्ति यजमान को धन, उत्तम स्वास्थ्य, तेज और शत्रुओं से अजेय रक्षा प्रदान करती है। आदित्य प्रकाश, काल और परमसत्य के देव हैं। इसलिए आदित्य-रूप प्रपितामह की तृप्ति आध्यात्मिक उन्नति, परम विद्या, ज्ञान-प्रकाश और अंततः परलोक में मोक्ष की दिशा में ले जाती है। इस प्रकार रुद्र लौकिक शक्ति और रक्षा से, जबकि आदित्य आध्यात्मिक प्रकाश और मुक्ति से जुड़े हैं।
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