विस्तृत उत्तर
महामृत्युंजय हवन — आरोग्य+दीर्घायु:
मंत्र: 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनात् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् स्वाहा।'
विशेष सामग्री: गाय घी, अक्षत, तिल (काले), जौ, दूर्वा (दूब घास), बिल्वपत्र, धतूरा पुष्प, भांग (सावधानी), चंदन, कपूर, शहद, समिधा (पलाश/आम)।
आहुति: 1,25,000 (सवा लाख — पूर्ण अनुष्ठान, पुरोहित) या 11,000 / 1,100 / 108 (घर — सरल)।
कब: गंभीर रोग, दुर्घटना बाद, शनि दोष, मृत्यु भय, दीर्घायु।
नियम: श्वेत वस्त्र, रुद्राक्ष माला, उत्तर/पूर्व मुख। पुरोहित = अनुशंसित (बड़ा अनुष्ठान)।





