महामृत्युंजय यंत्र स्थापित करने की विधि क्या है?
की चेकलिस्ट
सोमवार/शिवरात्रि/श्रावण। गंगाजल+पंचामृत शुद्धि। पूर्व/उत्तर दिशा। बिल्वपत्र, दूध। प्राण प्रतिष्ठा + महामृत्युंजय 108। नित्य जलाभिषेक+11/21 जप। लाभ: मृत्यु भय, रोग, ग्रह शांति, दीर्घायु।
- 1शुभ मुहूर्त: सोमवार, महाशिवरात्रि, प्रदोष, श्रावण मास।
- 2शुद्धि: गंगाजल + पंचामृत + दूध से यंत्र स्नान।
- 3स्थान: पूजा घर, पूर्व/उत्तर दिशा, लाल/श्वेत कपड़े पर।
- 4पूजन: बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, दूध अर्पित (शिव को प्रिय)।
- 5प्राण प्रतिष्ठा मंत्र + महामृत्युंजय मंत्र 108 बार।
- 6हवन: घी + तिल + महामृत्युंजय मंत्र आहुतियां।
- 7प्रतिदिन: जलाभिषेक + महामृत्युंजय 11/21 बार।
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