महामृत्युंजय यंत्र स्थापित करने की विधि क्या है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
सोमवार/शिवरात्रि/श्रावण। गंगाजल+पंचामृत शुद्धि। पूर्व/उत्तर दिशा। बिल्वपत्र, दूध। प्राण प्रतिष्ठा + महामृत्युंजय 108। नित्य जलाभिषेक+11/21 जप। लाभ: मृत्यु भय, रोग, ग्रह शांति, दीर्घायु।
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