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शिव अवतार प्रश्नोत्तर — 10 प्रश्न

शिव अवतार से जुड़े 10 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 10 प्रश्न

सुनटनर्तक अवतार में शिव ने क्या किया था?

सुनटनर्तक अवतार में शिव ने एक नाचने-गाने वाले ब्राह्मण भिक्षु का रूप धारण किया और पार्वती के पिता के दरबार में गए। इस रूप में उन्होंने पार्वती की माँग की और अपने स्वरूप के संकेत दिए। यह अवतार शिव की परीक्षालीला का अंग है।

सुनटनर्तक अवतारशिव अवतारपार्वती परीक्षा
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शिव पुराण में शिव के कितने अवतार बताए गए हैं?

शिव पुराण में भगवान शिव के 19 प्रमुख अवतार बताए गए हैं — वीरभद्र, पिप्पलाद, नंदी, भैरव, अश्वत्थामा, शरभ, गृहपति, दुर्वासा, हनुमान, वृषभ, यतिनाथ, कृष्णदर्शन, अवधूत, भिक्षुवर्य, सुरेश्वर, किरात, ब्रह्मचारी, सुनटनर्तक और यक्ष।

शिव अवतारशिव पुराण19 अवतार
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भैरव अवतार में शिव ने क्या किया?

भैरव अवतार में शिव ने ब्रह्मा का अहंकारी पाँचवाँ सिर काटा, काशी का आधिपत्य लिया और ब्रह्म-हत्या के प्रायश्चित के लिए तीर्थाटन किया। काशी में उन्हें पाप-मुक्ति मिली और वे वहाँ के कोतवाल बने।

भैरवब्रह्मा सिरकाशी
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शरभ अवतार क्यों और कैसे हुआ?

शरभ अवतार नृसिंह भगवान के असंयत क्रोध को शांत करने के लिए हुआ। हिरण्यकश्यप के वध के बाद नृसिंह का क्रोध थमा नहीं। शिव ने आठ पैर वाले शरभ रूप में उन्हें पूंछ में लपेटकर क्रोध शांत किया।

शरभ अवतारनृसिंह क्रोधशिव अवतार
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भैरव अवतार क्यों हुआ था?

भैरव अवतार ब्रह्मा जी के अहंकार के कारण हुआ। ब्रह्मा ने शिव के विषय में अपमानजनक वचन कहे, जिससे शिव क्रोधित हुए और उनकी भृकुटि से काल भैरव प्रकट हुए। भैरव ने ब्रह्मा का पाँचवाँ सिर काटकर अहंकार का नाश किया।

भैरव अवतारकाल भैरवब्रह्मा अहंकार
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नंदी अवतार की कथा क्या है?

शिलाद मुनि की तपस्या से प्रसन्न होकर शिव जी ने स्वयं उनके यहाँ पुत्र रूप में जन्म लिया। भूमि से उत्पन्न इस बालक का नाम नंदी रखा गया। शिव ने नंदी को गणों का अधिपति बनाया और वे शिव के प्रिय वाहन एवं द्वारपाल बने।

नंदी अवतारशिलाद मुनिनंदीश्वर
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पिप्पलाद अवतार की कथा क्या है?

पिप्पलाद महर्षि दधीचि के पुत्र थे जो शनि के कुयोग से पिता-वंचित हुए। उन्होंने शनि को नक्षत्र से गिरने का श्राप दिया और देवताओं की विनती पर इस शर्त पर क्षमा किया कि शनि 16 वर्ष से पहले किसी को कष्ट नहीं देंगे। शिव के इस अवतार के स्मरण से शनि-पीड़ा दूर होती है।

पिप्पलाद अवतारशिव अवतारशनि श्राप
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शिव के किरात अवतार में अर्जुन से युद्ध कैसे हुआ?

वनवास में अर्जुन शिव की तपस्या कर रहे थे। दैत्य मूकासुर शूकर रूप में आया। किरात वेषधारी शिव और अर्जुन ने एक साथ बाण चलाए। विवाद में युद्ध हुआ, अर्जुन हारे, तब शिव प्रकट हुए और अर्जुन को पाशुपतास्त्र दिया।

किरात अवतारअर्जुन युद्धपाशुपतास्त्र
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शिव के ब्रह्मचारी अवतार का क्या उद्देश्य था?

शिव के ब्रह्मचारी अवतार का उद्देश्य पार्वती के प्रेम और निष्ठा की परीक्षा लेना था। शिव ने ब्रह्मचारी बनकर स्वयं की निंदा की — पार्वती अडिग रहीं। तब शिव प्रकट हुए और पार्वती का सच्चा प्रेम स्वीकार किया।

ब्रह्मचारी अवतारशिव अवतारपार्वती परीक्षा
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वीरभद्र अवतार का कारण और कथा क्या है?

माता सती के दक्ष के यज्ञ में आत्मदाह करने पर शिव के अत्यंत क्रोध से जटा के पूर्वभाग से वीरभद्र प्रकट हुए। उन्होंने दक्ष के यज्ञ का विध्वंस किया और दक्ष का सिर काट दिया। यह शिव के क्रोध का प्रलयंकारी अवतार था।

वीरभद्रशिव अवतारदक्ष यज्ञ
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शिव अवतार — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर शिव अवतार श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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शिव अवतार को गहराई से समझने का तरीका

शिव अवतार प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

10 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।