विस्तृत उत्तर
शिव पुराण और अन्य पुराणों के अनुसार भगवान शिव के कुल 19 प्रमुख अवतारों का उल्लेख मिलता है।
शिव पुराण में भगवान शिव के ये 19 अवतार वर्णित हैं — वीरभद्र, पिप्पलाद, नंदी (नंदीश्वर), भैरव, अश्वत्थामा, शरभावतार, गृहपति, ऋषि दुर्वासा, हनुमान, वृषभ, यतिनाथ, कृष्णदर्शन, अवधूत, भिक्षुवर्य, सुरेश्वर, किरात, ब्रह्मचारी, सुनटनर्तक और यक्ष।
इनमें से कुछ पूर्ण रूद्रावतार माने जाते हैं जैसे वीरभद्र, भैरव, शरभ और किरात — जिनमें शिव जी ने सीधे अवतार धारण किया। कुछ अंशावतार हैं जैसे हनुमान, दुर्वासा और अश्वत्थामा — जो शिव जी के अंश से उत्पन्न माने जाते हैं।
इसके अतिरिक्त शिव पुराण में और भी अनेक अवतारों का उल्लेख है जैसे महेश, वृषभ, वैश्यानाथ, द्विजेश्वर, हंसरूप, अवधूतेश्वर, द्विज, नतेश्वर आदि जिन्हें अंशावतार माना जाता है। यह ध्यान देने योग्य है कि शिव अजन्मा और अनादि हैं — ये अवतार उनकी लीला के रूप हैं, न कि विष्णु के अवतारों की तरह किसी विशेष उद्देश्य से जन्म।




