विस्तृत उत्तर
उमा संहिता शिव पुराण की पाँचवीं संहिता है और इसमें 8,000 श्लोक हैं। इस संहिता का नाम 'उमा' — माँ पार्वती के नाम पर है।
मुख्य विषय — इस संहिता में देवी पार्वती (उमा) के अद्भुत चरित्र, उनसे संबंधित लीलाओं और दिव्य प्रसंगों का वर्णन है। प्रभात खबर के अनुसार — 'पार्वती भगवान शिव के आधे भाग से प्रकट हुई हैं और शिव का आंशिक स्वरूप हैं।' इसीलिए उमा की महिमा के वर्णन से अप्रत्यक्ष रूप से भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप का माहात्म्य प्रस्तुत होता है।
उमा संहिता में मुख्यतः — माँ पार्वती के दिव्य चरित्र और गुणों का वर्णन, शिव-पार्वती के संवाद जिनमें गहन आध्यात्मिक ज्ञान समाहित है, धर्म-कर्म, स्त्री-धर्म और गृहस्थ जीवन के नियमों का उपदेश, और शिव-शक्ति की अभिन्नता का दार्शनिक प्रतिपादन।
उमा संहिता शिव-शक्ति के संयुक्त स्वरूप को समझने के लिए सर्वाधिक उपयोगी है।




