विस्तृत उत्तर
शिव पुराण में संहिताओं की संख्या के विषय में दो परंपराएँ प्रचलित हैं। मूल शिव पुराण में बारह संहिताएँ थीं, जिन्हें व्यासजी ने संक्षिप्त कर सात संहिताओं में प्रस्तुत किया।
मूल रूप में बारह संहिताएँ — विद्येश्वर संहिता, रुद्र संहिता, विनायक संहिता, उमा संहिता, मातृ संहिता, एकादशरुद्र संहिता, कैलाश संहिता, शतरुद्र संहिता, कोटिरुद्र संहिता, सहस्रकोटिरुद्र संहिता, वायवीय संहिता और धर्म संहिता।
संक्षिप्त रूप में सात संहिताएँ — विद्येश्वर संहिता, रुद्र संहिता, शतरुद्र संहिता, कोटिरुद्र संहिता, उमा संहिता, कैलाश संहिता और वायवीय संहिता। यही सात संहिताएँ वाला रूप वर्तमान में प्रचलित और उपलब्ध है। इसीलिए सामान्यतः शिव पुराण में सात संहिताएँ बताई जाती हैं।


