विस्तृत उत्तर
शिव पुराण के माहात्म्य खंड में कथा श्रवण से पापों के नष्ट होने का स्पष्ट वर्णन है:
शिव पुराण का माहात्म्य
शिव पुराण में स्वयं कहा गया है कि इसे 'वेदतुल्य' माना जाना चाहिए। इसका श्रवण, पठन और मनन सभी प्रकार के पापों का नाश करता है।
चंचुला कथा (प्रमाण)
शिव पुराण के माहात्म्य में चंचुला नामक एक पतिता स्त्री की कथा है जो शिव पुराण सुनकर स्वयं सद्गति को प्राप्त हुई। यही नहीं, उसने अपने कुमार्गगामी पति देवस्वामी (बिन्दुग) को भी मोक्ष दिला दिया।
कौन से पाप नष्ट होते हैं
- 1जन्म-जन्मांतर के संचित पाप।
- 2ब्रह्महत्या, गोहत्या जैसे महापाप भी श्रद्धापूर्वक श्रवण से क्षीण होते हैं।
- 3ज्ञात-अज्ञात पाप दोनों।
- 4पितृ दोष और कर्म बंधन।
श्रवण के नियम
- ▸श्रद्धा और भक्ति भाव से सुनें।
- ▸कथा काल में सात्विक आहार लें — मांस-मदिरा, बासी भोजन, प्याज-लहसुन वर्जित।
- ▸कथा काल में ब्रह्मचर्य, सत्य भाषण और दया का पालन करें।
- ▸भूखे पेट कथा न सुनें (ताकि ध्यान भटके नहीं), हल्का सात्विक भोजन करके सुनें।
- ▸कथा पूर्ण होने पर दान और ब्राह्मण भोजन करवाएं।
शिव पुराण का वचन
शिव पुराण अध्ययन से कलियुग के सभी पापों में लिप्त जीव उत्तम गति को प्राप्त होंगे। इसके उदय से ही कलियुग का उत्पात शांत हो जाएगा।





