विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में मृत्यु के समय भगवान के नाम का अत्यंत महत्व बताया गया है। जो व्यक्ति मृत्यु के समय भगवान विष्णु के दस अवतारों (मत्स्य, कूर्म, वराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि) का स्मरण करता है या जिसके कानों में भगवान का नाम पड़ता है उसके करोड़ों महापाप तत्काल भस्म हो जाते हैं। गरुड़ पुराण इसमें अजामिल का उदाहरण देता है जिसने मरते समय केवल अपने पुत्र 'नारायण' को पुकारा था परंतु भगवान के नाम के प्रभाव से वह भी यमदूतों से बचकर सीधे वैकुंठ को प्राप्त हुआ। मृत्युशैया पर पड़े व्यक्ति के निकट शालग्राम शिला रखनी चाहिए, उसके दोनों हाथों और गले पर तुलसी दल रखना चाहिए और शरीर के नौ छिद्रों में स्वर्ण के टुकड़े रखने चाहिए।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक

