विस्तृत उत्तर
कैलाश पर्वत को शिव का निवास स्थान मानना केवल परंपरा नहीं, इसके पीछे गहरे आध्यात्मिक और पौराणिक कारण हैं।
शिव पुराण में कारण — शिव पुराण में कैलाश को 'शिव का नित्य-धाम' कहा गया है। शिव पुराण के कैलाश संहिता में कैलाश धाम की महिमा का विस्तार से वर्णन है। कैलाश को ब्रह्माण्ड का केंद्र और सृष्टि का नाभि-स्थल माना गया है।
शिव और कैलाश का संबंध — शिव महायोगी हैं। उनके निवास के लिए ऐसा स्थान चाहिए जो सांसारिक कोलाहल से परे हो, शुद्ध हो, पवित्र हो और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो। कैलाश हिमालय का सर्वोच्च शिखर है, जहाँ सदा बर्फ रहती है, जहाँ सृष्टि का नाद सुनाई देता है।
पार्वती और कैलाश — पार्वती हिमनरेश हिमवान की पुत्री हैं — अर्थात हिमालय उनका मायका है। शिव-पार्वती विवाह के बाद शिव का कैलाश पर विराजमान होना स्वाभाविक था।
रावण की कथा — जब रावण ने कैलाश उठाने का प्रयास किया तब शिव ने पैर से दबाकर उसे रोका — यह प्रसंग भी कैलाश को शिव का निवास प्रमाणित करता है।
आज भी कैलाश-मानसरोवर यात्रा को मोक्षदायी तीर्थयात्रा माना जाता है।




