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शिव धाम📜 शिव पुराण - कैलाश संहिता, स्कंद पुराण, महाभारत2 मिनट पठन

कैलाश पर्वत का महत्व क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

कैलाश पर्वत तिब्बत में स्थित शिव-पार्वती का नित्य निवास है। यहाँ से चार पवित्र नदियां निकलती हैं। इसका आकार स्वाभाविक रूप से शिवलिंग जैसा है। कैलाश परिक्रमा (52 किमी) से सभी पाप नष्ट होते हैं।

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विस्तृत उत्तर

कैलाश पर्वत हिंदू, बौद्ध और जैन — तीनों धर्मों में अत्यंत पवित्र माना जाता है।

भौगोलिक स्थिति

  • तिब्बत (चीन) में स्थित, हिमालय पर्वत शृंखला में
  • ऊंचाई: 6,638 मीटर (21,778 फीट)
  • मानसरोवर झील — कैलाश के निकट स्थित

पौराणिक महत्व

  1. 1शिव का निवास: शिव पुराण में कैलाश को शिव-पार्वती का नित्य निवास कहा गया है। यहाँ शिव ध्यान में बैठते हैं।
  1. 1अक्षय धाम: स्कंद पुराण में कैलाश को 'ब्रह्मांड का केंद्र' और 'मेरु पर्वत' कहा गया है।
  1. 1चार नदियों का उद्गम: कैलाश से ब्रह्मपुत्र, सिंधु, सतलज और करनाली नदियां निकलती हैं — यह पृथ्वी का 'जल-स्तंभ' है।
  1. 1मानसरोवर: ब्रह्मा जी ने इस झील की सृष्टि की — स्नान से पाप नष्ट होते हैं।

रहस्यमय तथ्य

  • कैलाश पर कोई पर्वतारोही आज तक सफलतापूर्वक नहीं चढ़ सका
  • इसका आकार स्वाभाविक रूप से शिवलिंग जैसा है
  • कैलाश परिक्रमा (52 किमी) को अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है

परिक्रमा का महत्व

  • एक परिक्रमा = सभी पापों से मुक्ति
  • 108 परिक्रमा = मोक्ष की प्राप्ति (महाभारत)

यात्रा: मानसरोवर-कैलाश यात्रा भारत सरकार और तिब्बत सरकार के संयुक्त अनुमोदन से होती है।

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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण - कैलाश संहिता, स्कंद पुराण, महाभारत
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