विस्तृत उत्तर
मानसरोवर और कैलाश का संबंध पुराणों में गहन आध्यात्मिक और पौराणिक रूप से वर्णित है।
मानसरोवर की उत्पत्ति — पुराणों के अनुसार मानसरोवर की उत्पत्ति ब्रह्माजी के मन (मानस) से हुई। इसीलिए इसे 'मानसरोवर' कहते हैं — 'मानस' = मन, 'सरोवर' = झील। यह ब्रह्माजी की मानस-सृष्टि का प्रतीक है।
शिव और मानसरोवर — शिव पुराण की कैलाश संहिता में कैलाश और मानसरोवर दोनों को शिव के धाम का अभिन्न भाग बताया गया है। कैलाश पर्वत और मानसरोवर साथ-साथ स्थित हैं — कैलाश शिव का निवास और मानसरोवर उनका दिव्य सरोवर। माना जाता है कि यहाँ देवता स्नान करते हैं।
हंस-सरोवर — मानसरोवर को 'हंस-सरोवर' भी कहते हैं क्योंकि पुराणों में वर्णित है कि ब्रह्माजी के हंस (उनका वाहन) यहाँ विचरण करते हैं।
मोक्षदायी तीर्थ — शिव पुराण में मानसरोवर के दर्शन और स्नान को परम पुण्यकारी और मोक्षदायी बताया गया है। कैलाश-मानसरोवर यात्रा को हिन्दू धर्म की सर्वश्रेष्ठ तीर्थयात्राओं में माना जाता है।





