विस्तृत उत्तर
रुद्र संहिता शिव पुराण की सबसे विस्तृत और महत्वपूर्ण संहिता है। इसमें पाँच खंड हैं।
पहला — सृष्टि खंड: भगवान शिव के महात्म्य का वर्णन, उनके विभिन्न अवतारों की कथाएँ, ब्रह्मा-विष्णु-शिव के बीच संवाद और सृष्टि के आरंभ का वर्णन।
दूसरा — सती खंड: भगवान शिव और देवी सती के विवाह की कथा, दक्ष-यज्ञ में सती का आत्म-समर्पण और उसके बाद शिव की विरह-वेदना का करुण वर्णन।
तीसरा — पार्वती खंड: हिमालय और मेना की पुत्री पार्वती का जन्म, उनकी कठोर तपस्या, भगवान शिव को प्रसन्न करने के प्रयास और अंततः शिव-पार्वती के दिव्य विवाह का भव्य वर्णन।
चौथा — कुमार खंड: तारकासुर के संहार के लिए भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय (कुमार/स्कंद) के जन्म की कथा और उनकी लीलाओं का वर्णन।
पाँचवाँ — युद्ध खंड: भगवान शिव के विभिन्न युद्धों का वर्णन — शंखचूड़ वध, अंधकासुर वध और महाकाल-महाकाली के भीषण युद्धों का विस्तृत वर्णन।





